शनिवार, 2 दिसंबर 2017

जब लखनऊ में हैं नौ 9 पार्षद निरक्षर तो नगर में साक्षरता जरूरी है-सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' Suresh Chandra Shukla


जब लखनऊ में हैं नौ  9 पार्षद निरक्षर तो नगर में साक्षरता जरूरी है. यदि सरकार मुझे स्कूल खोलने का मौक़ा देती है तो मैं यहाँ स्कूल खोलने के लिए तैयार हूँ जहाँ स्कूल काम या नहीं हैं -


उत्तर प्रदेश में भाजपा ने मेयर चुनाव में मारी बाजी। 16 में से 14 मेयर भाजपा के चुने गये.

उत्तर प्रदेश में भाजपा ने मेयर चुनाव में मारी बाजी।  16 में से 14 मेयर भाजपा के चुने गये.
संयुक्ता भाटिया लखनऊ की पहली महिला मेयर चुनी गयीं बहुत-बहुत बधाई।


गुरुवार, 30 नवंबर 2017

तीन बहुत आवश्यक देश हित में सवाल- BBC से साभार


तीन बहुत आवश्यक देश हित में सवाल।   चित्र वेबदुनिआ


राहुल के तीन सवाल
  • पहला सवाल,  जब  सरकार ने ये डील कैंसल की तो आपके नए कॉन्ट्रैक्ट में हवाई जहाज़ का दाम बढ़ा या कम हुआ.
  • दूसरा सवाल, आपने ये कॉन्ट्रैक्ट जिस उद्योगपति को दिया है, उसने अपनी ज़िंदगी में कभी हवाई जहाज़ नहीं बनाया है. एचएएल कंपनी 70 साल से हवाई जहाज़ बना रही है. क्या कारण था कि आपने एचएएल कंपनी से ये कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अपने उद्योगपति मित्र को दिया.
  • तीसरा सवाल, डिफेंस के हर कॉन्ट्रैक्ट में कैबिनेट की सुरक्षा कमिटी से मंजूरी लेनी पड़ती है. हमारी थल सेना, वायु सेना और नेवी कुछ भी ख़रीदे, पहले ये परमिशन लेनी पड़ती है. जब आपने हज़ारों करोड़ का ये कॉन्ट्रैक्ट बदला तो क्या आपने इसकी इजाजत ली. जवाब हां या न में दें.
गुजरात विधानसभा का चुनाव दो चरणों में 9 और 14 दिसंबर को होने जा रहा है. 182 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना 18 दिसंबर को की जाएगी.
बीबीसी हिन्दी 


आज ३० नवम्बर को प्रसिद्द कथाकार मैत्रेयी पुष्पा जी का 30 नवंबर जन्मदिन है । - सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' Suresh Chandra Shukla

आज ३० नवम्बर को प्रसिद्द कथाकार मैत्रेयी पुष्पा जी का जन्मदिन है। हार्दिक बधाई.













चित्र में बाएं से अजीत राय, सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' और कथाकार मैत्रेयी पुष्पा।

चित्र लखनऊ विश्वविद्यालय का है. बाएं से स्वयं मैं, कथाकार मैत्रेयी पुष्पा और प्रोफ़ेसर रश्मी चौधरी जी.

बुधवार, 29 नवंबर 2017

लोकलुभावन राष्ट्रवाद देश एक लिए घातक होता है. - रघुराम राजन hindi.wevdunia.com से साभार

 रघुराम राजन ने कहा, लोकलुभावन राष्ट्रवाद देश के लिए घातक। 



रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि अगर सरकार सिर्फ अपने समर्थकों की बात सुनने से परहेज करेगी तो गलतियां कम करेगी। रघुराम राजन ने यह भी कहा कि लोक लुभावन राष्ट्रवाद अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक होता है। विदित हो कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद अर्थव्यवस्था के भी 'राष्ट्रवादी' और 'संस्कारी' बनाने का प्रयास किया जा रहा है। 
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने केन्द्र और राज्य सरकारों को नसीहत दी है और कहा है कि सभी सरकारों को केवल अपने समर्थकों की मांगों के आधार पर काम करने की बजाय व्यापक स्तर पर लोगों की बात सुननी चाहिए ताकि गलतियों के होने की संभावना कम से कम हो। वे रविवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली में थे, जहां उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।


 

 

धार्मिक भावनाओं और धर्म की बात करने वाले नेताओं से दूर रहें और उन्हें तवज्जो नहीं दीजिये। -शरद आलोक Suresh Chandra Shukla

दुनिया भर के मित्रों! आज विश्व ज्ञान-विज्ञान और मानवता की बात कर रहा है जो बहुत जरूरी है.
सभी को शिक्षा मिले ताकि आदमी अपने कर्तव्यों और अधिकारों को जाने और उसका पालन करे.
 शान्ति, सद्भाव, सर्वधर्म भाव जरूरी है.
जब देश में चुनाव होते हैं नेतागण  जनता से कहते हैं तुम भूखे रहकर बहुत सहनशील हो देवताओं की तरह हो.
सावधान रहें।
मेरी कविता 










 शरद आलोक 

नेता कुछ नहीं देता लेकिन सब कुछ ले लेता 
"नेता कुछ नहीं देता लेकिन सब कुछ ले लेता।
झूठे नारों झूठे वायदों से सबको बस में कर लेता।
समस्या बनी रहें इसलिए समस्याओं का ठीकरा विपक्षी पर ठोंकता।
कभी भावनाओं को भड़काता
कभी फुसलाता
चुनाव के पहले  कितने ही लालीपाप दिखाता
चुनाव के बाद नारद सा लोप हो जाता।
न्याय पालिका को अपना औजार बनाता
विपक्षी दलों पर खूब मुक़दमे चलाता
हाँ यह भारत का सत्ता धारी नेता होता
उसका दल और समाज से कोई बतलब नहीं होता
इसीलिये दूसरी पार्टी के प्रतिनिधि रोज तोड़ता
दूसरों के घरों की कीमत पर अपने सपने पूरे करता।
यह नेता कुछ नहीं देता लेकिन सबकुछ ले लेता।
नोटबन्दी-डिजिटल जासूसी से खूब  डराता,
चालीस प्रतिशत निरक्षर जनता को और डराता
उन्हें साक्षर करने की जगह राशन कार्ड से जोड़ता,
जनता को खूब मूर्ख बनाता।
हम उसको हंटर देते और वह हमपर खूब बरसाता।
जब तक हम भूख से मरेंगे
किसान फांसी पर चढ़ेंगे
ये नेता बने रहेंगे।
प्रजातंत्र का गला घोंटेंगे।
हम अहिंसा के पुजारी
देशी की रट लगाता और विदेशी लाखों का सूट पहनता
हमारे खेतों में देशी बीजों को छीनकर विदेशी बीज बेचता
 फांसी से लटके किसान परिवारों को ट्रैक्टर तो दूर
उन्हें  हर बार दो बैलों की तरह जोतने को तैयार
नेता चुनाव में तैयार है जो धर्म का ठेकेदार है
आओ उसे जितायें
प्रजातंत्र की अर्थी सजायें
उन्हीं धर्मात्माओं -नेताओं को दोबारा जितायें।
एक बार फिर जीते जी मर जाएँ।"
  - शरद आलोक, ओस्लो, 29. 11 . 17


से खूब
 इसलिए नए नारे और दूसरों
धार्मिक भावनाओं और धर्म की बात करने वाले नेताओं से दूर रहें और उन्हें तवज्जो नहीं दीजिये। -शरद आलोक

मंगलवार, 28 नवंबर 2017

नार्वे के राष्ट्रीय टी वी में सन 1990 में मेरी कविता। -Suresh Chandra Shukla

एगिल थाइगे  के कार्यक्रम में मेरा साक्षात्कार अन्य लोगों के साथ 
नार्वे के राष्ट्रीय टी वी में सन  1990 में मेरी कविता।
 https://tv.nrk.no/serie/moetested-norge/fsam08008390/04-10-1990