रविवार, 17 मार्च 2019

सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' 'वेदना' (1976 को प्रकाशित) की कवितायें।, Oslo


सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' के पहले काव्य संग्रह 

'वेदना' (1976 को प्रकाशित) की कवितायें। 

नारी तुम केवल श्रद्धा हो,
कवि प्रसाद ने मान दिया।
इतिहास न भूले उनको,
जिसने पथ निर्माण किया।

बस कर्म किये जाते थे,
संघर्ष बना जीवन में।
वेदना बनी कृति मेरी,
मेरे बचपन -यौवन में।

मन मन्दिर की हो माया,
गौरव हो जग में जन में।
तिर्यक रेखा सी नभ में
कोपल सी कोमल तन में।

अपमान किया नारी का,
इतिहास न क्षमा करेगा।
लीक से हटकर जिसने,
प्रतिमान बना जीवन में।   

यह प्यार का सौदा है 
मिलजुलकर निभानी है।
यहाँ जोर नहीं चलता,
यह प्रेम कहानी है। 

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