आज बालकवि बैरागी जी की पुण्य तिथि है।
उनका जन्म 10 फरवरी 1931 को हुआ था और उनकी मृत्यु मृत्यु 13 मई 2018 को हुई थी।
मेरा जन्मदिन भी 10 फरवरी के दिन हुआ था।
उनके साथ मेरी अनेक यादें जुड़ी हुई हैं। उनके साथ मुझे भारत, यू. के. और दक्षिण अफ्रीका में मंच साझा करने का अवसर मिला था। यू के में हम साथ- साथ घूमें। एक बार जिस गाड़ी में हमने साथ- साथ यात्रा की उसमें डॉ. लक्ष्मी मल सिंघवी भी साथ थे और मैंने डॉ. सिंघवी जी का साक्षात्कार लिया था।
हमनें अनेक मंचों पर साथ-साथ कविताएं पढ़ी थीं।
अनेक संस्करण उन्होंने साझा किए थे।
एक बार तो उन्होंने अपनी आपबीती सुनाते हुए लंदन में कवि सम्मेलन में सभी को रुला दिया था। उन्होंने बताया था जब वह अपने पिताजी के साथ भीख माँगते थे। वह एक महान इंसान थे और अपनी तरह के एक बड़े साहित्यकार थे।
उन्होंने मुझे बहुत प्रभावित किया था। हमारे साथ अनेक साहित्यकार थे। !जिनमें डॉ. लक्ष्मीमल सिंघवी, डॉ रामदरश मिश्र, डॉ जगदीश चतुर्वेदी, दाऊजी गुप्ता और मैनचेस्टर यू. के. से राम पाण्डेय, डॉ. रंजीत सुमरा आदि स्मरणीय हैं।
बालकवि बैरागी जी केंद्र में मंत्री भी रहे हैं।
जब मैंने डॉ. ज्ञानवती दीक्षित जी की पोस्ट देखी और तब बालकवि बैरागी जी की अनेक बातें याद आ गईं।
उन्हें सादर प्रणाम।
अन्य संस्करण फिर कभी...
- सुरेश चन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक'
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