देश के पास नहीं हैं दाने, जनता! अम्मा चली भुनाने।
सुरेश चंद्र शुक्ला 'शरद आलोक'
देश को कंगाल करके बंधु,
मन्दिर में पूजन करते हैं।
जैसे कोई अपराधी बंधु!
सत्ता में अकड़कर बैठे हैं।
देश में भय फैलाकर बंधु,
मन्दिर में पूजन पाठ कर रहे।
बेरोजगारी भुखमरी बढ़ाकर
मंत्री गवर्नर गुमराह कर रहे।
देश की समस्याओं पर क्यों,
गोदी मीडिया मौन हो गया।
ऐप्सटीन फ़ाईल वाला मंत्री,
लोकतंत्र का कत्ल कर रहा।
भय के जरिए भ्रम फैलाया
भ्रम के जरिए लूट।
विदेश नीति में फेल हुए हैं,
घरेलू अपराधी को खुली छूट।
सत्ता के बल पर मोदी शाह को
क्यों है हर अपराध करने की छूट।
हम कितने खुद्दार, करने देते,
आर एस एस, अदानी-अंबानी को लूट।
प्रतिदिन यहाँ पर झूठ बोलता,
जिसका यहाँ प्रधान।
स्वर्ग से सुंदर देश हमारा,
अपना प्यारा हिंदुस्तान।
बेरोजगारी बढ़ा-बढ़ा कर
किया देश का सपना चूर।
विपक्ष से मिलकर न कर पाये,
देश के संकट दूर।
पूजा पाठ और किया रोड शो,
वायुसेना करे प्रदर्शन क्यों?
जनता के मुद्दों से भागकर प्रधान
रैली, मन्दिर, विदेशी यात्रा क्यों?
प्रधानमंत्री रोड शो करते,
देश के पास नहीं हैं दाने।
पहले से भुखमरी देश में,
अम्मा! जनता चली भुनाने।
ओस्लो, 11.05.20

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