मंगलवार, 26 जनवरी 2010
आज गणतंत्र दिवस पर बधाई-शरद आलोक
आज हमारा भारत का गणतंत्र दिवस है। देश विदेश में रहने वाले सभी प्रवासी भारतीय या भारतीय मूल के लोग जो अपने देश और धरती से जुड़े हैं अपने देश के पर्वों पर गर्व करते हैं। सभी को नमन और गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं।
देश की आन्तरिक सुरक्षा और सीमा पर शहीदों का नमन।
देश की एकता अखंडता में जुटे पुरोधाओं को नमन
देश -विदेश के जागरूक शुभचेतकों, संचेत्कों और शुभ्चिंतों को नमन।
विदेश में सभी राजदूतावासों और उनके परिवारों को नमन।
शुभकामनाओं सहित
सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक'
ओस्लो, नार्वे
आठवाँ प्रवासी दिवस संपन्न

वालायर रवि संबोधित करते हुए

राष्ट्रपति महामहिम प्रतिभा पाटिल जी पुरस्कृत प्रवासी भारतीयों के साथ

दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जी प्रवासी भारतीयों के साथ

संपादक परनीत कौर (केन्द्रीय राज्य मंत्री) को पत्रिका भेंट करते हुए
-प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को भारतीय चुनाव में वोट देने का अधिकार देने की बात कही।
-राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारतीयों को पुरस्कृत किया।
-केन्द्रीय मंत्रियों ने और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रवासी भारतीयों से सार्थक बातचीत की।
-प्रवासी कार्यमंत्री वालायर रवि ने बहुत अच्छा सहयोग दिया और भारतीय-नार्वेजीय सूचना और सांस्कृतिक फोरम के अध्यक्ष सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने नार्वे में रहने वाले प्रवासी भारतीयों को दोहरी नागरिकता के लिए निवेदन किया और वालायर रवि ने इस पर कार्यवाही करने काआश्वाशन दिया।
-निवेश को लेकर विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्री आशावान और सहयोग का वायदा।
-मध्य प्रदेश के मुक्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में प्रवासी सेल बनाने की घोषणा करते हुए प्रवासी भारतीयों को निवेश और समाजसेवी कार्य करने के लिए सहयोग का आश्वाशन दिया।

सुशीला वर्मा बाएं से प्रथम ने अपनी जायजाद के गैरकानूनी कब्जे की बात उठाई

वालायर रवि को पत्रिका भेंट करते स्पाइल के संपादक

बाएं से खड़े श्री रावत, वाशिंटन यू एस ए के PIO-TV की हेमा वीरानी स्पाइल संपादक का साक्षात्कार लेते हुए
सोमवार, 11 जनवरी 2010
शरद आलोक भोपाल के प्रवासी सम्मेलन में
नार्वे के प्रवासी साहित्यकार सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' दिल्ली में प्रवासी फिल्म महोत्सव और प्रवासी भारतीय दिवस में भाग लेने के बाद भोपाल में मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित प्रवासी सम्मलेन(1२ जनवरी ) में भाग लेने ११ जनवरी को भोपाल पहुँच गए। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पाटिल जी ने एन आर आई सेल बनाने और प्रवासी भारतीयों को समाजसेवा और निवेश में प्रदेश की उन्नति के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा की प्रवासी पहले भारतीय हैं चाहे वह किसी प्रदेश के हों उनका मध्य प्रदेश में स्वागत है। सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने कहा कि वह मध्य प्रदेश में गरीबों के लिए शिक्षा के लिए एक इलेक्ट्रानिक मल्टी मीडिया स्कूल खोलना चाहते हैं और महिला सशक्तिकरण के लिए रोजगार परक कार्य करना चाहते हैं। पर यह सहयोग के बिना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वह प्रोजेक्ट आने पर सहयोग करेंगे।
चित्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रवासी भारतीयों के साथ
बुधवार, 6 जनवरी 2010
पहला प्रवासी फिल्म समारोह संपन्न.
नई दिल्ली में पहला प्रवासी फिल्म समारोह (२ जनवरी से ६ जनवरी) धूमधाम से संपन्न
नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में २ जनवरी को प्रारंभ हुआ पहला प्रवासी फिल्म समारोह ६ जनवरी को संपन्न हो गया । इस समारोह में अनेक देशों से आये प्रवासी फिल्मकारों के अतिरिक्त भारत के फ़िल्मी दुनिया के लोगों की उपस्थिति भी आकर्षण का केंद्र थी। इस फिल्म समारोह को पद्मेश गुप्त द्वारा सम्पादित मासिक पत्रिका प्रवासी टुडे, अनिल शर्मा और मारीशस की सरकार का भी सहयोग महत्वपूर्ण था जिसके मिनिस्टर राजदूत आदि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। भारत सरकार की राज्य मंत्री श्रीमती , उतरांचल के मुख्यमंत्री, के अलावा जिन फ़िल्मी हस्तियों ने इसमें चार चाँद लगाये उसमें मीरा नायर, मनोज बाजपेई, सतीश कौशिक, शर्मीला टैगोर और बहुत से लोग थे।
मारीशस के डिप्टी स्पीकर ने फिल्म फेस्टिवल को उत्कृष्ट बताया। नार्वे से आये सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने कहा की यह फिल्म फेस्टिवल प्रवासियों की फिल्म प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा। यू के से आये पुरस्कृत डॉ निखिल कौशिक ने इसे आवश्यक फिल्म फेस्टिवल बताया।
हिंदी के अनेक लेखक और संपादक इसमें मौजूद थे। व्यंग यात्रा के संपादक और व्यंगकार प्रेम जन्मेजय, गगनांचल के संपादक अजय कुमार गुप्ता आदि ने भी फिल्म समारोह की सराहना की।
शरद आलोक का लखनऊ विश्वविद्द्यालय में सम्मान
लखनऊ विश्व विद्यालय मेंi ३१ दिसंबर को स्पाइल के संपादक शरद आलोक को शाल, पदक और पुष्पों से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह और कवि सम्मलेन की प्रो अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो प्रेमशंकर की और सञ्चालन किया डॉ कृष्णा श्रीवास्तव ने। संयोजक प्रो योगेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ रामाश्रय सविता ने और प्रो काली चरण स्नेही ने शरद आलोक की साहित्यिक सेवाओं की चर्चा की और अपने नार्वे के संस्मरण सुनाये। परशुराम पल जी ने हिंदी सेवा की सराहना की और समापन पर धन्यवाद ज्ञापन दिया।
स्पाइल-दर्पण पत्रिका ने गुड़िया का घर के रंगकर्मियों को सम्मानित किया

स्पाइल-दर्पण पत्रिका ने लखनऊ भारत में विश्व प्रसिद्ध नार्वेजीय नाटककार हेनरिक इबसेन की सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' द्वारा हिंदी में अनुदित नाटक 'गुड़िया का घर' के रंगकर्मियों को लखनऊ के उमानाथ राय बल़ी हाल में एक समारोह में संपादक द्वारा सम्मानपत्र, पदक और पुष्पों द्वारा सम्मानित किया गया।
सम्मानित रंगकर्मियों में मुख्य थे: निदेशक आनन्द शर्मा, सूर्या रंगमंडल की रमा जायसवाल, जमील खान, प्रिया मिश्रा, नदीम खान, योगेन्द्र विक्रम सिंह, रत्ना अग्रवाल, साधना वर्मा आदि थे।
लखनऊ विश्विद्द्यालय के प्रो योगेन्द्र प्रताप सिंह, कृष्ण जी श्रीवास्तव सहित अनेक लोगों ने अपने विचार अनुवाद और नाटक की प्रस्तुति पर व्यक्त किये।
बहुत संख्या में पत्रकार मौजूद थे।
शनिवार, 2 जनवरी 2010
नव वर्ष पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं -शरद आलोक
नव वर्ष पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
आप सभी अपने लक्ष्यों की प्राप्ति करें।
विश्व प्रदूषण मुक्त हो ।
सप्रेम
सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक'