रविवार, 21 जून 2009

ओस्लो में खेलकूद का दूर दिन, - शरद आलोक

ओस्लो में खेलकूद का दूसरा दिन रविवार २१ जून - शरद आलोक


खेलकूद में बालिकाएं फुटबाल मैच खेलती हुई
आज स्पोर्ट्स एंड कल्चरल फेडरेशन द्वारा आयोजित खेलकूद का दूसरा दिन है। सूरज चम रहा है। आज २१ जून को पुरे साल का सबसे ज्यादा प्रकाश वाला दिन है। कल से सूरज अपनी दिशा बदलेगा और दिन छोटे होना शुरू हो जायेंगे। खेलकूद में भी सभी खिलाड़ियों के साथ साथ देखने वालों का समर्थकों का भी उत्साह देखने के लायक था।

द्रामिन फुटबाल क्लब की विजयी टीम

महिलायें खेल का आनंद लेती हुई

दूर -दूर से भारतीय लोग खेल देखने आए।
खेल का आनंद लेते हुए भारतीय

स्वरण सिंह ढोल बजाते हुए

फुटबाल खेलते हुए बालक



fursat ke samay aaram se mach dekhte hue

शनिवार, 20 जून 2009

धूप-पानी की आँख मिचौली के साथ भारतीय जोश खरोश में खेल में हिस्सा लेते रहे- शरद आलोक

स्पोर्ट्स एंड कल्चरल फेडरेशन के खेलकूद चलते रहे पानी बरसता रहा।
ओस्लो २० जून २००९
इस खेलकूद में स्वीडेन और डेनमार्क से भी भारतीय टीमें आयी हैं जो आज शाम को कबड्डी मैच खेलेंगी। स्पोर्ट्स एंड कल्चरल फेडरेशन के चेयरमैन जरनैल सिंह जी और उप-चेयरमैन लेह्म्बेर सिंह सभी का स्वागत कर रहे हैं। खेलकूद का आंखों देखा हाल अपने अंदाज में बता रहे हैं जंग बहादुर जी।

दाहिने और खड़े जंग बहादुर खेलों का आंखों देखा हाल सुनाते हुए

स्पोर्ट्स एंड कल्चरल फेडरेशन के चेयरमैन जरनैल सिंह जी और उप-चेयरमैन लेह्म्बेर सिंह सभी का स्वागत कर रहे हैं।

देशी वीकिंग की वालीवाल टीम मैच खेलते हुए

शानदार फुटबाल मैच खेलने वाली बालकों की दो टीमें
जो टीम के खिलाड़ी खड़े हैं वे मैच जीते हैं जो बैठे हैं उन्होंने भी अच्छा खेला
पर हार गए।

प्रोत्साहित करने वाले दर्शक बच्चों का उत्साह वर्धन करते रहे।

प्रोत्साहित करने वाले दर्शक और अविभावक

खेलकूद के समय सभी के लिए जलपान की व्यवस्था थी
जलपान पंडाल में खडे भारतीय लोग

ओस्लो में भारतीय खेलकूद - शरद आलोक

स्पोर्ट्स एंड कचरल फेडरेशन के वार्षिक खेलकूद शुरू

ऊपर चित्र में बहुत सालों से जीतती आ रही है आजाद क्लब की वालीवाल टीम


कार्यक्रम का आरम्भ अरदास के साथ हुआ।

वालीवाल खेलते हुए खिलाड़ी

खेल के दौरान जलपान सेवा जारी है। प्रगट सिंह दाहिनी ओर खड़े हैं और डेनमार्क से आए खिलाड़ियों में चित्र में बाएँ से दूसरे स्थान पर दलविंदर सिंह और पांचवें स्थान हरभजन सिंह तत्ला और अन्य खिलाड़ी खड़े हैं। खेलकूद कल तक चलेगा। अन्य समाचार शाम तक भी दिए जायेंगे।

नार्वे में भारतीय खेलकूद १९ से २१ जून तक - शरद आलोक

नार्वे में भारतीय खेलकूद १९ से २१ जून तक - शरद आलोक
भारतीयों द्वारा ओस्लो में ग्रीष्म ऋतु में तीन बार खेलकूद संपन्न होते हैं। कल इकेया मैदान फुरुसेट में खेलकूद शुरू हुए जो कल तक चलेंगे। इसके कुछ चित्र आप आज देख सकेंगे।

ओस्लो में हिन्दी और नार्वेजीय गोष्टी संपन्न-शरद आलोक


ओस्लो में हिन्दी और नार्वेजीय गोष्टी संपन्न-शरद आलोक
ओस्लो में स्थित वाइतवेत सेंटर में ७ जून को एक गोष्ठी संपन्न हुई जिसमें रचनाकारों ने अपनी रचनाएं हिन्दी और नार्वेजीय भाष में सुनाई।

शुक्रवार, 19 जून 2009

हार भी जीत की तरह जीवन का हिस्सा है पर इसकी आदत नहीं डालनी चाहिए - शरद आलोक

भारत का विश्वकप में हारना जैसे चूक हो जाना! - शरद आलोक
सहवाग की कमी खली - सौरभ गांगुली
विश्वकप में चूक हो गयी!
हार भी जीत की तरह जीवन का हिस्सा है पर इसकी आदत नहीं डालनी चाहिए - शरद आलोक
भारत बुरी तरह तीनो मैच हार गयी। इसके कई कारण हो सकते हैं। इस हार को किसी ने विशेष कर क्रिकेट बोर्ड और कप्तान महोदय ने नहीं लिया। एक तो टीम में सहवाग और अनुभवी खिलाड़ियों का न होना दूसरा कप्तान का खेल से अधिक खेल से अधिक विज्ञापन पर ध्यान रहा होगा, ऐसे समाचार समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए हैं। प्रसिध्ध खिलाड़ी सौरभ गांगुली और मोहम्मद अजुरुद्दीन तथा प्रसिध्ध अभिनेता अमीर खान की टिपण्णी तो पहले ही सबको पता है।
सहवाग व अन्य खिलाड़ियों की फिटनेस को दोषी बताने वाले यह देखिये की सचिन भी कम फिट होते हुए भी कई बार बहुत सफल रहे हैं। सहवाग की राय भी मैच में सहयोगी हो सकती थी।
तीन मैचों का विश्वकप में हारना , कप्तान की नीतियां सफल न होना भी शायद हरने का एक कारण रहा हो। कप्तान को सही समय में सही निर्णय लेना जरूरी होता है। धोनी एक अच्छे खिलाड़ी हैं, परन्तु उन्हें कम समय पर प्रगति के खातिर लम्बी दौड़ को ताक में नहीं रखना चाहिए। खिलाड़ियों के चयन में पैसों और मित्रता निजी न निभाकर खेलभावना वाली मित्रता और देश के लिए खेलना चाहिए जैसा की वह पहले भी खेलते रहे हैं। कप्तान को अनुभवी लोगों की राय भी सुननी चाहिए। हार भी जीत की तरह जीवन का एक हिस्सा है पर इसकी आदत डालना नासमझी है।
बेशक हम दूसरे देशों से आगामी मैच जीत जाएं पर बुरी हार का सदमा आगामी विश्वकप से पहले नहीं मिट सकेगा।

बुधवार, 10 जून 2009

वाइतवेत स्टोरी (कहानी) ओस्लो में संपन्न -शरद आलोक


कुनाल गीत गाते हुए

ड्रम संगीत बजाते हुए कलाकार

नृत्य करते कलाकार

नार्वे ने यूरोपीय संगीत की प्रसिद्ध प्रतियोगिता जीती। उसी गीत संगीत को
प्रतुत करते कलाकार। सामने खड़े कलाकारों में दाहिनी तरफ़ हाथ पर में मोमबत्ती लिए हुए बोबी
वाइतवेत स्टोरी (कहानी) ओस्लो में संपन्न -शरद आलोक
नार्वे में स्कूलों में नृत्य, नाटक, संगीत आदि के कार्यक्रमों में लगभग सभी बच्चे भाग लेते हैं। आज १० जून को शाम छे बजे कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके तीन चित्र दखिये।