रविवार, 14 मई 2017

इस बार आश्चर्य चकित और बीमार रहे पुर्तगाल के सलवादोर सोबराल Salvador Sobral विजयी रहे बहुत-बहुत बधायी। Den historiske seieren til Portugals Salvador Sobral var like overraskende som fortjent.

इस बार आश्चर्य चकित और बीमार रहे  पुर्तगाल के सलवादोर सोबराल Salvador Sobral  यूरोपीय संगीत प्रतियोगिता यूरोविजन -२०१७   में विजयी रहे बहुत-बहुत बधायी। 
Den historiske seieren til Portugals Salvador Sobral var like overraskende som fortjent.  Gratulerer.-Suresh Chandra Shukla, Oslo
यूरोपीय संगीत प्रतियोगिता इस बार राजनीति से प्रेरित रही. क्योंकि उक्रेन ने रूस की गायिका पर प्रतिबन्ध लगा दिया जिसने पारा ओलम्पिक में गीत गाया था.  
इस बार आश्चर्य चकित और बीमार रहे  पुर्तगाल के सलवादोर सोबराल Salvador Sobral विजयी रहे बहुत-बहुत बधायी।
Den historiske seieren til Portugals Salvador Sobral var like overraskende som fortjent.

शनिवार, 13 मई 2017

Livet er en reise -Suresh Chandra Shukla जीवन एक यात्रा है - सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' Oslo, 13.05.17

जीवन एक यात्रा है - सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' 
जीवन एक यात्रा है जहाँ आपको लोग मिलते हैं और उनके साथ विचारों से कभी साथ हो लेते हैं और कभी छूटते रहते हैं. पिछले वर्ष (अगस्त २०१६ से अभी तक) मैंने कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र की शैक्षिक यात्रायें की हैं.

उसी तरह फेसबुक, ब्लॉग और ई-मेल के जरिये बहुत से हर उम्र के मित्रों से मिलने का अवसर मिला और थोड़े समय में जो मुझे सानिध्य मिला उसने मेरे संबंधों का और विचारों का विस्तार किया है. विचार विमर्श और दूसरों के विचार जानने और चित्रों को देखने से परिचयबोध बढ़ा है.

 

शुक्रवार, 12 मई 2017

नार्वे में लेखकगोष्ठी में मनाया गया टैगोर का जन्मदिन ७ मई और नार्वे का मुक्तिदिवस ८ मई Tigore og Frigjøringsdag ble markert på forfatterkafe i Oslo- Suresh Chandra Shukla

नार्वे में लेखकगोष्ठी में मनाया गया टैगोर का जन्मदिन ७ मई और नार्वे का मुक्तिदिवस ८ मई Tigore og Frigjøringsdag ble markert på forfatterkafe i Oslo


फिल्माचार्य आनंद शर्मा जी द्वारा निर्देशित और नार्वे के सुरेश चन्द्र शुक्ल का लिखा नाटक 'अंततः' की अखबारों में समीक्षा: -Suresh Chandra Shukla, 12.05.17, Lucknow

Ha fin dag. आपका दिन मंगलमय हो.
फिल्माचार्य आनंद शर्मा जी द्वारा निर्देशित  और नार्वे के सुरेश चन्द्र शुक्ल का लिखा  नाटक  'अंततः' की अखबारों में समीक्षा:
लखनऊ के 'नवभारत टाइम्स' में प्रकाशित समाचार की कतरन:
 लखनऊ के 'स्वतन्त्र भारत' में प्रकाशित समाचार की कतरन:


और स्वतन्त्र भारत में प्रकाशित कतरन स्वतन्त्र भारत'नवभारत टाइम्स' और स्वतन्त्र भारत में प्रकाशित कतरन 12.05.17

Hei, Avisklipp fra dagensavis. आपका दिन मंगलमय हो. लखनऊ के दैनिक जागरण में प्रकाशित आनन्द शर्मा द्वारा निर्देशित मेरे लिखे नाटक 'अंततः' की समीक्षा। 12.05.17-Suresh Chandra Shukla

Hei, Avisklipp fra dagensavis. आपका दिन मंगलमय हो. लखनऊ के दैनिक जागरण में प्रकाशित आनन्द शर्मा द्वारा निर्देशित मेरे लिखे नाटक 'अंततः' की समीक्षा। 12.05.17
 

गुरुवार, 11 मई 2017

Mitt teterstykke blir vist i dag den 06.05.17 i Lucknow i India.आज उमानाथ राय बली हाल, लखनऊ में शाम 6:30 PM बजे तीन दिवसीय नाट्य समारोह की शुरुआत आनन्द शर्मा द्वारा निर्देशित और सुरेश चन्द्र शुक्ल का लिखा नाटक अंततः से हो रहा है. आपका हार्दिक स्वागत है. -Suresh Chandra Shukla

आज उमानाथ राय बली हाल, लखनऊ में शाम 6:30 PM बजे तीन दिवसीय नाट्य समारोह की शुरुआत आनन्द शर्मा द्वारा निर्देशित और सुरेश चन्द्र शुक्ल का लिखा नाटक अंततः से हो रहा है. आपका हार्दिक स्वागत है. नाट्य समारोह तीन दिन तक चलेगा।


लखनऊ ने थिएटर, फिल्म, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में अनगिनत प्रतिभाएं दी हैं जिनपर हम सभी को गर्व है. तीन दिवसीय नाट्य समारोह लखनऊ में हो रहा है सभी को बधाई।


मंगलवार, 9 मई 2017

Antatah अंततः written by Suresh Chandra Shukla का मंचन 11 मई को शाम 7:00 at Umanath Raibali theatre i Lucknow


लखनऊ में 11 मई को शाम सात (7:00 PM ) बजे ऐसी प्रतिभा को देखने और उससे जुड़ने का अवसर है. 
फिल्माचार्य आनन्द शर्मा के नेतृत्व और संचालन में 
मेरा (सुरेशचन्द्र शुक्ल का ) लिखा नाटक अंततः का मंचन 
11 मई को शाम 7:00 बजे 
लखनऊ के मशहूर उमानाथ रायबली हाल कैसरबाग में किया जा रहा है 


 आपने ऐसा मंचन पहले नहीं देखा होगा। जो वहां देखने जायेंगें उन्हें नाटक देखने के आनंद के अलावा हमसे और हमारे आने वाले प्रोजेक्टों से जुड़ने का अवसर भी मिल सकता है. देश-विदेश में हमारी हर आयु की प्रतिभायें भरी हुई हैं.
आइये ११ मई को  शाम सात (7:00 PM ) बजे उमानाथ रायबली हाल कैसरबाग लखनऊ में नाटक देखने आइये। अंततः नाटक के प्रदर्शन में जुटी सारी टीम आपका स्वागत करती है.
लखनऊ में मैंने  सन 2009 से अनेक लोगों के साथ मिलकर लघुफिल्म और रंगमंच  (थिएटर) की दुनिया में कार्य आरम्भ किया है.
लखनऊ में जो लोग अच्छे रंगमंच के प्रेम और इससे जुड़े हैं वह कल मेरा नाटक 'अंततः' देखना न भूलें  11 मई को शाम सात (7:00 PM ) बजे जो मंचन और अभिनय में यादगार रह जाने वाला नाटक होगा ऐसी आशा करता हूँ.