रविवार, 17 अगस्त 2014

स्वाधीनता दिवस पर लिएर स्टेडियम, नार्वे में खेलमेला

 16-17 अगस्त को खेलमेला



















































लिएर स्टेडियम, द्रामेन नगर, नार्वे में स्वाधीनता दिवस पर 16-17 अगस्त को खेलमेला संपन्न हुआ.
भारतीय बच्चे और युवाओं के लिए विशेष रूप से आयोजित इस खेल मेला को लिएर द्रामेन स्थित गुरुद्वारा के सहयोग से आयोजित किया गया जिसमें सभी ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। दौड़, कूद, वालीबाल, कबड्डी और फ़ुटबाल मुख्य  आकर्षण थे. इस कार्यक्रम में हर समय जलपान और भोजन का भी इंतजाम था. यहाँ भारत  ऐसा महसूस  हो रहा था. श्री पुनप्पन जी प्रथम सचिव भारतीय दूतावास ने विजयी खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किये।  इसमें श्री त्रिलोचन सिंह और गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्यगण पुरस्कार वितरण में हिसा ले रहे थे.

गुरुद्वारा 'गुरुनानक निवास'
लिएर स्थित गुरुद्वारा 'गुरुनानक निवास' स्कैंडिनेविया का सबसे बड़ा गुरुद्वारा है और जिसे भारतियों ने निर्माण कराया है. जब आज यहाँ खेलमेला से होकर गए तो कुछ सेवक अमृत छक रहे थे और कुछ लोग किचन में सेवा कर रहे थे. 





 

नार्वे में भारतीय स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त 2014 -15th August 2014 celebration in Norway

नार्वे में भारतीय स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त 2014

दूतावास में ध्वजारोहण 

 ओस्लो में भारतीय दूतावास में प्रातः 9:00 बजे भारतीय दूतावास में बहुत से लोग एकत्र हुए थे भारतीय स्वाधीनता दिवस पर ध्वजारोहण  करने ले लिए. मौसम अच्छा था सूरज की किरणें  बादलों के मध्य चमक रही थीं. नील्स यूएलस गाता (Niels Juels gata) ओस्लो में स्थित भारतीय दूतावास के मुख्य द्वार के सामने ध्वजा एक बड़े स्तम्भ पर फूलों से बंधी ध्वज यहां के शुभ अवसर की प्रतीक्षा कर रही थी. ध्वजा स्तम्भ के चारो तरफ लोग एकत्र होने लगे.
इस समय भारतीय दूतावास में कार्यवाहक राजदूत के तौर पर आदरणीय राकेश कुमार शर्मा जी, आगंतुकों का स्वागत कर रहे थे. दूतावास में श्री पुनप्पन जी, श्री चारी जी आदि लोगों से मिलते हुए ध्वजारोहण की तैयारी में व्यस्त थे.
राकेश कुमार शर्मा जी ने धवजरोहण किया। भारतीय राष्ट्रगान 'जन-मन गण अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता' की गूँज से वातावरण गर्व से भर गया भारतीय राष्ट्रगान से नार्वे में 2014 के स्वाधीनता दिवस के कार्यक्रमों का श्रीगणेश हो गया.


भारतीय बहनों, भाइयों, बच्चों और युवाओं ने  एक दूसरे को बधाई दी. इस बार बड़ी तादात में लोगों ने हिस्सा लिया था. स्वाधीनता दिवस के अवसर पर अनेक कार्यक्रम हो रहे हैं जिसमें भारतीय -नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम का कार्यक्रम वाइटवेत सेंटर, ओस्लो में आयोजित था जो सात वर्षों से लगातार 15 अगस्त के दिन ही आयोजित हो रहा है.






ओस्लो में स्वाधीनता दिवस मनाया गया 
 सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक'

 ओस्लो, 17 अगस्त।   भारतीय -नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के तत्वावधान में वाइतवेत सेंटर, ओस्लो में  भारतीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम  15 अगस्त से 17 अगस्त तक  धूमधाम से मनाया गया. 
इस वर्ष के कार्यक्रम में  पूर्व स्थानीय मेयर BU-leder, bydel bjerke थूरस्ताइन विन्गेर Torstein Winger, पूर्व सांसद  और नगर पार्लियामेंट के सदस्य आथर अली Athar Ali, फोरम के उपाध्यक्ष हेराल्ड बुरवाल्ड Harald Burvald, लेखक और चिंतक निर्मल ब्रम्हचारी Nirmal Brahmchari, नार्वे में पहले भारतीय डाक्टर और लेखक राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल Dr. Rajendra Prasad Shukla और  बालक आर्यन पराशर Aryan Parashar ने इस अवसर पर अपने विचार रखे और भारतीय आजादी पर प्रकाश डाला तथा बधाई दी.
निर्मल ब्रम्हचारी ने अपने भाषण और कविता में भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, खुदीराम बोस,   नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और अन्य की भारत की आजादी में महत्वपूर्ण कुर्बानी की याद दिलाई तो  आथर अली ने बधाई देते हुए बर्लिन की दीवार के टूटने की तरह बाघा बार्डर की दीवार टूटने की आशा व्यक्त की.  75 वर्षीय भारतीय दर्शन सिंह ग्रेवाल  Darshan Singh Greval और भारत से आये अतिथियों  सी. पी. मेंदीरेता C. P. mendiratta बक्शीश सिंह Baksheesh Singh और सुभाषचन्द्र  विद्यार्थी Subhash Chandra Vidyarthi को सम्मानित किया गया.  
कार्यक्रम में Kontaktutvalget (नार्वे की सरकार और प्रवासियों के मध्य सम्बन्ध स्थापित करते वाली सरकार संस्था) की एवा राइस्ताद Eva Reistad ने भी शुभकामनायें दीं.
कवितापाठ में  देशभक्ति के गीत और कवितायें  प्रस्तुत करने वालों में सुरेशचन्द्र शुक्ल Suresh Chandra Shukla, इंगेर मारिये लिल्लेएंगेन Inge Marie Lilleengen,  निर्मल ब्रम्हचारी Nirmal Brahmchari,  गुरुदर्शन शर्मा Gurudarshan Sharma, सुसाने आइहाइम Susanne Ayheim, नोशीन इकबाल Nosheen Iqbal, राज कुमार  Raj Kumar, दिआ विद्यार्थी Diaa Vidyarthi, जावेद भट्टी Javed Bhatti  मीना मुरली Meena Murli, अलका भरत Alka Bhart, दीपिका रतूड़ी Dipika Ratudi, मारिस माओरीनो Maurise Maurino, माया भारती Maya Bharti और  प्रगट सिंह Pragat Singh मुख्य थे. 
कार्यक्रम में युवाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।  

शुक्रवार, 15 अगस्त 2014

आज पंद्रह अगस्त है सभी को शुभकामनायें -Suresh Chandra Shukla


आज पंद्रह अगस्त है सभी को शुभकामनायें



आज पंद्रह अगस्त है हमारे भारत का 68वां स्वतंत्रता दिवस।  कल रात ओस्लो में स्वाधीनता दिवस की तैयारी करता हुआ रात 12 बजे सोया था क्योकि आज शाम 5 बजे ओस्लो में कार्यक्रम है.
आज लालकिले के प्राचीर से मोदी जी का भाषण सुनने के लिए जल्दी उठा और फिर भी नव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भाषण 40 मिनट ही उनका सन्देश सुन सका. बिना पढ़े देश की आम आदमी की समस्या का बखान करते हुए जो उन्होंने सभी विद्यालयों में शौंचालय बनाने के लिए संकल्प लेने को कहा वह बहुत सराहनीय है. इसके लिए सभी देशवासियों को आगे आना चाहिए।
आदर्श गाँव का उनका सपना गांधी जी का भी सपना था पर उसे पूरा नहीं किया जा सका. देखते हों कि सांसद जन कैसे उनके आह्वाहन को पूरा करते हैं पर जनता के सहयोग के बिना यह संभव नहीं अतः सभी राजनैतिक सोच को रखने वाले इस कार्य के लिए साथ आयें। मोदी जी का सपना पूरे देश के लिए है और देश सभी का है.
अधिकार के साथ कर्तव्य भी सभी का बनता है.
मैं तो कहता हूँ कि  एक  बुद्धिजीवी प्रवासी भारतीय भारत अथवा अन्य गरीब देश के गाँव को आधुनिक बनायें और आधारभूत समस्याओं से छुटकारा दिलवाने में मदद करे.

ओस्लो में भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर
कार्यक्रम
जो लोग नार्वे में रहते हैं वह आज  वह प्रातः 9 बजे भारतीय दूतावास में ध्वजारोहण समारोह में सम्मिलित हो सकते हैं और शाम 5 बजे ओस्लो में स्थित वाईतवेत सेंटर में वाइतवेत मंच पर कार्यक्रम है जो Veitvetveien 8, Oslo में स्थित है. आप इस कार्यक्रम में आइये और मिलकर अपने बच्चों और मित्रों के साथ मिलकर भारतीय स्वतंत्रता दिवस मनाइये।  

बुधवार, 13 अगस्त 2014

Indian independence day celebration in Oslo ओस्लो में भारतीय गणतंत्र दिवस १५ अगस्त २०१४

Invitation आमंत्रण
ओस्लो में 15  अगस्त को प्रातः काल 9:00 बजे  भारतीय दूतावास में ध्वजा रोहन होगा और शाम 5 बजे भारतीय -सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम की तरफ से सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहा है वाइतवेत सेंटर ओस्लो में.

आप सादर आमंत्रित हैं.   



Welcome to Indian independence day celebration on 15th august at Veitvet centre, Oslo
at 5 PM.

गुरुवार, 24 जुलाई 2014

नार्वे में ३१ जुलाई को प्रेमचंद जयन्ती मनाई जाएगी।

नार्वे में अल्फ प्रोइसेन की जन्मशती मनायी गयी 
 
 
 
२४ जुलाई, भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के तत्वाधान में आयोजित लेखक गोष्ठी में नार्वे के लोकप्रिय गायक, कथाकार और मनोरंजन करने वाले महान कलाकार अल्फ प्रोइसेन की जन्मशती मनाई गयी.
इस अवसर पर उनकी रचनाओं का पाठ किया गया. हमारे राजदूत आर के त्यागी जी ने शुभकामनाएं दीं और स्थिक इन्नोम सेंटर की संचालक थ्रूदे मेत्ते ने शुभकामनायें दीं और कहा कि जैसे आज हम भारतीय-नार्वेजीय लेखक सुरेशचन्द्र शुक्ल को सेंटर में अक्सर कार्यक्रम में कवितायें पढ़ते देखते हैं वैसे ही अल्फ प्रोइसेन भी वाइतवेत सेंटर पर आ चुके हैं.  हिन्दी स्कूल की प्रधानाचार्य संगीता शुक्ल सिमोनसेन  ने अल्फ प्रोइसेन  के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि  प्रोइसेन का नार्वेजीय आधुनिक लोक और बाल साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान है. अल्फ प्रोिसें का जन्म २३ जुलाई १९१४ को और मृत्यु ३० नवम्बर १९७० को हुई थी. 
ग्रुरुदडालेन समाचार पत्र की पत्रकार ने कहा कि प्रोइसेन का स्थानीय संस्कृति का बहुत प्रभाव था और सुरेशचन्द्र शुक्ल का भी जन्मदिन चालीस साल बाद जन्मशती के रूप में मनाएंगे। शरद आलोक, मीना जी ने अपनी रचनाएं सुनायीं।   
माया भारती ने आगंतुकों को धन्यवाद दिया।
 ३१ जुलाई को ओस्लो में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जयन्ती मनाई जाएगी। 

रविवार, 1 जून 2014

रांची की जूलिया असली नायिका -Suresh Chandra Shukla

फेसबुक की एक डाक  से ऐसा पता चला है कि रांची की जूलिया मिज ने बारहवीं की परीक्षा में टॉप किया आशीर्वाद और बधाई। ईश्वर करे आगे चलकर महान कार्य करे और उसमें हिम्मत, जज्बा और प्रतिभा है इस प्रतिभाशाली ने ईंट ढोने का काम भी किया है. बधाई और आशीर्वाद।

















जूलिया,  असली नायिका

यह जज्बा तुम्हे
बुलंदी पर चढ़ाये,
वही जानता है दर्द,
खुद पर सितम ढाये।
नमन है तुम्हें
कर्मवीर दुनिया के
जिसने बेघर रहकर भी
दूसरों के घर बनाये।

आओ मिलकर सभी
उनका घर भी बनाएं।
चले है जो विश्व को
कर्मयोगी  बनाने।
जूलिया मिज
निर्भया
तुम सभी हो पुत्री हमारी
कया कहें हमने ही
औरतों पर जुल्म ढाये।

वक्त अब भी है
सम्भालो, वतन को सम्भालो,
एक प्रवासी एक गाँव को संभाले।
उसकी शिक्षा और जागृति में
अपना भूमिका पाले।
सभी को मिले छत, शिक्षा शौंचालय।
भूखा पेट कोई बच्चा स्कूल न जाए!

सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक'  , ओस्लो, नार्वे ०१. ०६. १४       
   

 

आज ओस्लो में स्थानीय मेला -Suresh Chandra Shukla

Fest på Løkka (Veitvet) i Olso  वाइतवेत, ओस्लो में स्थानीय मेला
 
 
 
 
 
  
नार्वे में स्थानीय निवासियों के कार्यक्रम का बहुत महत्त्व होता है. आज मेरे क्षेत्र वाइतवेत, ओस्लो में एक सार्वजानिक मेला लगा था  जिसमें भारतीयों के अतिरक्त अनेक प्रवासियों और  नार्वेजीय लोग साथ-साथ मना रहे थे. इसमें भाग लेने से आपसी समझ, जान-पहचान बढ़ती है यहाँ भारतीय खाने का लुफ्त भी लोग उठा रहें हैं यह कार्यक्रम ७ घंटे चला. और यह वाइतवेत पार्क, वाइतवेत स्कूल के पीछे आयोजित था. इसमें मैं भी सम्मिलित हुआ जिसकी शुरुआत एक परेड से हुई  जिसमें बैंड बाजे, चियर्स कन्यायें, अनेक संस्थाओं और स्थानीय निवासी सम्मिलित थे.  दिन रविवार एक जून को मौसम भी अच्छा था.   सूरज देवता भी मेहरबान थे.   पिछले वर्ष तो भयंकर वर्षा हुई थी. जो लोग भारत से घूमने आये हैं उनके लिए एक बहुत अच्छा मौका स्थानीय डेमोक्रेसी और स्वेक्छा से श्रमदान और परस्पर भाव से साथ-साथ उत्सव मनाना देखने को मिलता है. कुछ गतिविधियाँ भारतीय तरीके से कुछ यहाँ के तरीके से जिसमें अधिकतम लोगों की प्रतिभागिता और पारदर्शिता और सभी को सम्मिलित किये जाने का अवसर खुला रहता है और जनता से ही लोग कार्यक्रम का संचालन और पूर्णरूप देने में लिए लिए जाते हैं. स्थानीय सरकार के लोग सहयोगी होते हैं और जिम्मेदार भी. यदि आप नहीं गए तो आप भी इस तरह के कार्यक्रम में जरूर जाइये और ओस्लो में रहते हैं तो आप भी आइये और लुफ्त उठाइये।
कार्यक्रम में जादू, नृत्य, संगीत और गायन और अनेक कलाओं के प्रदर्शन था जिसे स्थानीय कलाकारों के अलावा नार्वे के जाने माने कलाकार भी थे.