बुधवार, 17 मई 2017

17 मई को पुराने और नए स्कूल भवन में वाइतवेत स्कूल, ओस्लो का एक दृश्य। -Suresh Chandra Shukla

मेरे घर के पास एक स्कूल है जिसका नाम वाइतवेत स्कूल है जो राजधानी ओस्लो में स्थित है. इस स्कूल को एक नवनिर्मित स्कूल भवन में बदल दिया गया है.
इस बार सत्रह मई 2017 नयी इमारत में मनाया गया शेष ये बच्चे बीच नगर में पार्लियामेंट से लेकर राजमहल का चक्कर लगायेंगे। वहां पहले पार्लियामेंट के अध्यक्ष (स्तूरटिंग्स प्रेसीडेंट) फिर राज परिवार उन्हें झंडा और हाथ हिलाकर अभिवादन करेंगे।
यहाँ नार्वे में राष्ट्रीय दिवस (संविधान दिवस) बच्चों के लिए मनाया जाता है.
नार्वे के राष्ट्रीय दिवस 17 मई को पुराने और नए स्कूल भवन में वाइतवेत स्कूल, ओस्लो का एक दृश्य। 
नये स्कूल के बाहर बच्चे एकत्र हुए हैं:



पुराने स्कूल के सामने चित्र पिछले वर्ष लिया गया है:



I dag er det Norges Konstitusjonsdag, (Nasjonaldag). Gratulerer med dagen. Fin dag. आज नार्वे का राष्ट्रीय दिवस है आप सभी का दिन मंगलमय हो.

आज नार्वे का राष्ट्रीय दिवस है आप सभी का दिन मंगलमय हो.
आज ओस्लो में लाखों लोग एक्टर होंगे. बैभव का विशेषकर स्कूल के बच्चे, बैंड बाजे, और सभी उम्र के लोग एकत्र होंगे।  न भूलने वाला दिन होगा।

मंगलवार, 16 मई 2017

Et dikt av meg på 17. mai på Norges nasjonal dag. मेरी एक कविता 17 मई, नार्वे का राष्ट्रीय दिवस पर. -Suresh Chandra Shukla, Oslo, Norway

नार्वे का राष्ट्रीय दिवस है. 17 मई. संविधान दिवस।  मेरी एक कविता 17 मई पर.
आपका दिन मंगलमय हो.



अपने घर के द्वार ओस्लो में अपने बेटे अनुराग और परिवार के साथ.




Den 17. mai er det norske nasjonal dag. Gratulerer. कल नार्वे का राष्ट्रीय दिवस है. 17 मई. संविधान दिवस। -Suresh Chandra Shukla, Oslo, Norway

कल नार्वे का राष्ट्रीय दिवस है. 17 मई. संविधान दिवस। बहुत-बहुत बधाई।  Norges nasjonal dag, 17. mai. Gratulerer med dagen. Fin dag.


 यहाँ बच्चों के लिए मनाया जाता है. उन्हीं की प्राथमिकता रहती है.

Washington Post ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रूस के राजदूत और रूस के विदेशमंत्री के साथ बैठक का खुलासा किया -Suresh Chandra Shukla

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर आरोप लगा है कि उन्होंने चुनाव के दौरान रूस के राजदूत और विदेश मंत्री के साथ बैठक की और गुप्त  सूचना के आदान प्रदान को  नहीं बताया जो  उन्होंने  रूस के राजदूत के साथ बैठक का खुलासा किया था. 


Washington Post   Foto:AP
USA

वाशिंटन पोस्ट ने अभी थोड़ी देर पहले यह सूचना प्रकाशित की है.
राष्ट्रपति ट्रैम्प की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ट्रम्प रूस के लिए अधिक जानकारी की तुलना 
में हम अपने सहयोगी दलों के साथ साझा पता चला,  
एक स्रोत अखबार को बताया।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 
गुप्त जानकारी का खुलासा करना चाहिए था आतंकवादी समूह के 
बारे में रूसी विदेश मंत्री और रूस के अमेरिकी राजदूत के साथ एक बैठक में है।
USAs president Donald Trump skal ha avslørt hemmelig informasjon om 
terrorgruppen IS i et møte med den russiske utenriksministeren og 
Russlands USAs ambassadør 

सोमवार, 15 मई 2017

लाक्पा शेरपा Lhakpa Sherpa from Nepal ने सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट को आठवीं बार चढ़ाई की। - Suresh Chandra Shukla

 आठ बार एवरेस्ट को आठवीं बार फतह कर नेपाली महिला लाक्पा शेरपा  ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

काठमांडू, प्रेट्र। नेपाली पर्वतारोही लाक्पा शेरपा दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट को आठवीं बार फतह करने वाली पहली महिला बन गई हैं। सात बार एवरेस्ट पर चढ़ाई का अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर उन्होंने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है।
अखबार हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, 44 वर्षीय लाक्पा शनिवार सुबह 6.35 बजे तिब्बत की तरफ नॉर्थ कोल से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की। वह निमा दोरजी शेरपा से साथ चोटी पर पहुंचीं। अप्रैल के मध्य में तिब्बत से रवाना होने से पहले लाक्पा ने कहा था कि वह दिखाना चाहती हैं कि मुश्किलों के बावजूद नेपाली महिला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का साहस और धैर्य होता है।
पिछले वसंत ऋतु में उन्होंने सातवीं बार तिब्बत की तरफ से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पहली बेटी के जन्म के आठ महीने बाद और दूसरे बच्चे के लिए दो महीने की गर्भवती होने पर एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी। तीन बच्चों की मां लाक्पा ने पर्वतारोहण का औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया है। साल 2000 में पहली बार उन्होंने माउंट एवरेस्ट को फतह किया था।

Ravindranath Taigore ble feiret i Oslo आज ओस्लो में धूमधाम से रवीन्द्रनाथ टैगोर जयन्ती मनायी गयी. -Suresh Chandra Shukla

Ravindranath Taigore ble feiret i Oslo

आज 14 मई को ओस्लो में धूमधाम से रवीन्द्रनाथ टैगोर जयन्ती धूमधाम से  मनायी गयी. 


कार्यक्रम का सुन्दर संचालन प्रोफ़ेसर असीम दत्त राय ने किया था. 
कार्यक्रम का आयोजन बंगाली कल्चरल एशोसिएशन ने किया था. 
रवीन्द्र संगीत और नृत्य के साथ नाटक और प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता हुई जिसे दर्शकों ने बहुत सराहा।  श्री बरुआ जी ने बांसुरी पर धुन सुनायी। नार्वे में बेस भारतीय लेखक सुरेशचन्द्र शुक्ल शरद आलोक ने गुरुदेव रवींद्र नाथटैगोर जी को अपना आदर्श बताया। एक सप्ताह पहले भी भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम की तरफ से टैगोर जयन्ती मनाई गयी थी. चित्र: सुरेशचन्द्र शुक्ल  Foto: Suresh Chandra Shukla