शनिवार, 3 अक्टूबर 2009

महात्मा गाँधी के जन्म दिन पर नार्वेजीय पार्लियामेंट के सामने शान्तिसभा

सुरेशचन्द्र शुक्ल शरद आलोक गांधी जी पर कविता पढ़ते हुए


नार्वे में महात्मा गाँधी जी का जन्मदिन वर्ल्ड मार्च फॉर पीस एंड नान वैलेंस के तत्वाधान में मनाया गया।

बाएँ से लुईस सन्सेत, गुन्नार गार्बो, सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' और मई बनते बोंदेवीक
नार्वे के पार्लियामेंट के सामने विश्वशान्तिदूत महात्मा गाँधी जी का जन्मदिन वर्ल्ड मार्च फॉर पीस एंड नॉन वाईलेंस की ओर से धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर भारतीय लेखक सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने गांधी जी पर कविता सुनाई और गुन्नार गार्बो, मई बोंदेवीक, लुईस सन्सेत ने अपने विचार रखे और शान्ति की अपील की।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2009

महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं-शरद आलोक

२ अक्टूबर आज इनका जन्मदिन है
महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री, बहुत-बहुत बधाई

आज प्रधानमंत्री लाल्बह्दुर शास्त्री जी का १०५ वां जन्मदिन और विश्व शान्ति दूत महात्मा गांधी जी का जन्म दिन है, आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
महात्मा गांधी विश्व में अहिंसा, समता का bhav रखने वालों और शान्ति के पुजारियों सभी के लिए प्रेरणा के श्रोत हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय शानित और अहिंसा दिवस के रूप में मानाने की घोषणा पहले ही कर चुका है। भारत सरकार ने भी भारत में ग्रामीण रोजगार योजना को महात्मा गांधी के नाम पर करने की गोश्ना की है जो स्वागत योग्य है।
कोपेनहेगन में लोकप्रिय अमेरिका के राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने इस अवसर पर बताया की गांधी जी उनके नायक हैं। मार्टिन लूथर किंग भी भारत गए थे और गांधी जी को अपनी प्रेरणाश्रोत मानते थे।
शान्ति की मशाले ले उठो
जला दो ज्योति शान्ति की
भेदभाव ख़त्म तब होगा
हटाओ घर से भेदभाव को
जीने दो पड़ोसी को
शान्ति से, सुख चैन से
न मरे भूखा कोई आसपास
खिलादो अपने नेवालों से
न कोई छोटा है
न कोई बड़ा है
रंग से, धन से या पद और दशा से
दिशा दोगे तुम्ही अपनों को
स्वयं ज्योति जलाकर के।
शरद आलोक
२ अक्टूबर, ओस्लो, नार्वे

मंगलवार, 29 सितंबर 2009

प्रवासी साहित्य, हिन्दी साहित्य का हिस्सा है.-शरद आलोक

प्रवासी साहित्य, हिन्दी साहित्य का अहम् हिस्सा है- शरद आलोक
प्रख्यात साहित्यकार आलोचक नामवर सिंह जी ने विदेश में बसे एक लेखक की पुस्तक का लोकार्पण करते हुए यह विचार व्यक्त किए कि प्रवासी साहित्य हिन्दी साहित्य का अहम् हिस्सा है।
आजकल हिन्दी में भी ब्लॉग का प्रचलन बढ़ा है। विदेशों में रहने वाले हिन्दी लेखकों ने वेब / नेट के माध्यम से हिन्दी को प्रचलित करने में जो भूमिका निभाई है वह बहुत सराहनीय है।
जब वेबदुनिया और बड़े समाचार पत्रों ने हिन्दी साहित्य को कम आंकते हुए उसे अपनी नेट पत्रिकाओं में स्थान देना कम कर दिया है उस दशा में विदेशों में रहने वाले हिन्दी लेखकों और हिन्दी प्रेमियों ने हिन्दी साहित्य में योगदान देकर और हिन्दी को माध्यम बना कर विचार विमर्श करके उसका विस्तार किया है।
जो लोग विदेश में रहकर हिन्दी का प्रयोग कर रहे हैं और जो लोग अपने बच्चों को और दूसरे बच्चों को हिन्दी पढ़ा रहे हैं वे हिन्दी की अभूतपूर्व सेवा कर रहे हैं। भारत में भी हिन्दी के अनन्य सेवकों की कमी नहीं है परन्तु हिदी के माध्यम से उच्च शिक्षा का प्रबंध न होने और अधिक से अधिक इस समबन्ध में कदम न उठाने के कारण भारत की राष्ट्रभाषा और अन्तर-राष्ट्रीय भाषा हिन्दी को वह मुकाम नहीं मिल रहा है। भारत के सभी विश्विद्द्यालय में हिन्दी के विभाग नहीं हैं और भारत के सभी राजदूतावासों में हिन्दी के अधिकारी नहीं है। आने वाले समय में यह कमियाँ भी पूरी हो जायेंगी क्योंकि नवाबी तरीके आ रहे बदलाव में तो समय लगेगा ही।

२७ सितम्बर को शहीद सरदार भगत सिंह के जन्मदिन पर को शत-शत नमन-

शहीदे आजम सरदार भगत सिंह का १०२वां जन्मदिन पर -शरद आलोक
सरदार भगत सिंह का कल १०२ वां जन्मदिन था। देश की आजादी और भारतवासियों को भेदभावरहित सबके लिए समान व्यवस्था वाला भ्रष्टाचारमुक्त समाज का सपना देखने वाले भगत सिंह को मेरा शत-शत नमन है।
दो वर्ष पहले दिल्ली में आर्यसमाज के तत्वावधान में अनिल आर्य के सानिध्य में भगत सिंह की जन्मशती समारोह में सम्मिलित होने का अवसर मिला था। जिसमें हरयाणा के मुख्य मंत्री, सांसद सज्जन कुमार सहित देश के जाने माने विद्वान और गुरु उपस्तित हुए थे। भगत सिंह जी के भतीजे और उनके पुत्र से मिलने का अवसर मिला था। भगत सिंह जैसे लोग दुनिया में कम होते हैं। उनके सपनो के भारत के निर्माण के लिए अभी भी हमारी सेवाओं और बलिदानों की जरूरत है।

बुधवार, 23 सितंबर 2009

नार्वे में हिन्दी दिवस पर १८ सितम्बर को कार्यक्रम संपन्न-शरद आलोक

नार्वे में हिन्दी दिवस पर १८ सितम्बर को वाइतवेत सेंटर, ओस्लो में एक विशाल कार्यक्रम

कविता , नृत्य और संगीत के साथ संपन्न हुआ। १४ सितम्बर को नार्वे में पार्लियामेंट के चुनाव थे इसलिए कार्यक्रम १८ सितम्बर को संपन्न हुआ।
हिन्दी स्कूल के बच्चों ने सरस्वती वंदना और भारतीय राष्ट्रिय गान से कार्यक्रम का आरम्भ किया। बाद में हिन्दी, नार्वेजीय और पंजाबी प्रस्तुत की गयी। भारत नाट्यम, हिप-होप ब्रेक डांसऔर संगीत ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

सोमवार, 14 सितंबर 2009

१४ सितम्बर आज हिन्दी दिवस है, सभी को हार्दिक शुभकामनाएं -शरद आलोक

आज १४ सितम्बर है। भारत में आज हिन्दी दिवस है। आप देश विदेश में कहीं पर हों आपको हिन्दी दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। आज हो सके तो हिन्दी में एक दूसरे का अभिवादन कीजिये। और हो सके तो हिन्दी में पत्र लिखिए। आप का दिन अच्छा व्यतीत हो। आप अपना ध्यान रखियेगा। धन्यवाद।
शुभकामनाओं सहित- सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक'

नॉर्वे में चुनाव का अन्तिम दिन - आज रात तक परिणाम आयेंगे.-शरद आलोक

नार्वे में आज पार्लियामेंट चुनाव का अन्तिम दिन है आज रात तक चुनाव परिणाम आ जायंगे।