मंगलवार, 20 अक्टूबर 2009

नार्वे में ने सरकार का गठन, प्रधानमंत्री येन्स स्तूलतेनबर्ग ने मंत्रिमंडल की घोषणा की -शरद आलोक

नयी सरकार को हार्दिक बधाई
प्रधानमंत्री येन्स स्तूलतेनबर्ग हाथ हिलाकर अभिवादन करते हुए

नार्वे में नयी सरकार का गठन। कई नए और कई पुराने चेहरे मंत्रिमंडल में। ५० प्रतिशत महिला और ५० प्रतिशत पुरूष मंत्री बने। नार्वे में अरबाइदर पार्टी, सोशलिस्ट लेफ्ट पार्टी और सेंटर पार्टी की मिलीजुली सरकार है। हमने नयी सरकार को बधाई दी। (ओस्लो, २०.१०.०९)

नए वित्त मंत्री सिगब्योर्न जोन्सोन को बधाई देते शरद आलोक

एस वे नेता और शिक्षा मंत्री क्रिस्तीन हालवूरसेन भारतीयों के साथ

सेंटर पार्टी की अध्यक्ष और गृह मंत्री को बधाई देते शरद आलोक
शरद आलोक नव निर्वाचित सांस्कृतिक मंत्री आनिके को बधाई देते शरद आलोक

सोमवार, 12 अक्टूबर 2009

गुड़िया का घर Et dukkehjem av Henrik Ibsen og oversatt av Suresh Chandra Shukla निर्देशन आनन्द शर्मा का सफल प्रदर्शन लखनऊ में 7 और 8.10.09 को संपन्न

लखनऊ, भारत में 'गुड़िया का घर' Et dukkehjem av Henrik Ibsen
की खूबसूरत प्रस्तुति
फिल्माचार्य आनन्द शर्मा द्वारा निर्देशित और सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक द्वारा हिन्दी में अनुदित नाटक का भाग आप यहाँ देख सकते हैं अभिनय: नूरा ( प्रिया) और क्रूग्स्ताद (योगेन्द्र विक्रम):
http//www.youtube.com/watch?v=H5SVVpjVJLw
निर्देशक आनन्द शर्मा
नाटक का एक दृश्य
नाटक का दृश्य

नूरा (प्रिया) लिंदे ( साधना वर्मा) गुड़िया का घर में
सूर्य महिला कल्याण समिति के तत्वाधान में हेनरिक इबसेन Henrik Ibsen के नाटक 'गुड़िया का घर' Et dukkehjem का सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' द्वारा अनुदित और फिल्माचार्य आनन्द शर्मा के निर्देशन में बहुत सफल मंचन/प्रदर्शन हुआ जिसकी सह-निदेशक थीं रमा जायसवाल ।
नूरा, रान्क, लिंदे और अन्य पात्रों का अभिनय बहुत खूबसूरत अंदाज में किया और बखूबी निभाया है। दैनिक जागरण ने लिखा है 'बहुत सराहा गया गुड़िया का घर'। हिंदुस्तान और अमर उजाला ने लिखा है कि नारी समस्या को खूबसूरती से बयान किया है 'गुड़िया के घर' ने। स्वतंत्र भारत, टाइम्स आफ इंडिया, पाइनियर, और राष्ट्रिय सहारा ने तो दोनों दिनों नाटक प्रस्तुति को देखा और नाटक की सार्थक लिखी।
प्रिया ने नूरा की जीवंत भूमिका निभाई। आजीवन नूरा को किसी ने खास अहमियत नहीं दी। न पिता ने न ही पति ने। नूरा के पति हेल्मेर की प्रभावशाली भूमिका निभाई जमील खान ने । लिंदे की भूमिका निभाई साधना वर्मा ने, क्रूग्स्ताद की भूमिका निभाई योगेन्द्र विक्रम सिंह ने और सफल निर्देशन किया आनन्द शर्मा जी ने। ध्वनि और प्राश प्रकाश व्यवस्था कितनी मुश्किल होती है जो नाटक प्रस्तुति में एक अहम् स्थान रखते हैं।
नाटक के अनुवादक और फिल्मकार सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने इस अवसर पर कहा की उन्हें आशा है कि लखनऊ के ये कलाकार आशा है की अपने निदेशक बंधुओं और बहनों के साथ अन्य नगरों, प्रदेशों और विदेशों में भी धूम मचाएंगे। उन्होंने आनन्द शर्मा जी को सफल प्रदर्शन के लिए बधाई भी दी।
आनंद शर्मा और उनके साथ जुड़ी प्रोफेशनल टीम ने जिस तरह प्रकाश और ध्वनि और संयोजन सभी कमाल के थे। ५ और ६ को बहुत वर्षा होने के कारण लखनऊ का मौसम कुछ ज्यादा भीग गया था। लखनऊ विश्वविद्यालय के अध्यापकों ने नाटक की बहुत तारीफ कि जिसमें नाटक से जुड़े कृष्णाजी श्रीवास्तव, प्रो वीरेंद्र प्रताप सिंह, और रसायन शास्त्र के प्रो शुक्ला जी और अन्य।
संजय मिश्रा को नाटक इतना अच्छा लगा कि वे दूसरे दिन भी नाटक देखने गए। अभिषेक तिवारी के अनुसार नाटक अवर्णनीय और श्रेष्ठ था।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2009

Ravindra Nath Tagore and Neruda Pablo -Suresh Chandra Shukla

Unesco to mark 150 birth anniversary of Ravindra Nath Tagore and 100 birth anniversary of Pablo Neruda













मंगलवार, 6 अक्टूबर 2009

Norway best country to live in the world- Suresh Chandra Shukla

Norway Best Country to live In, Canada Comes in 4th in UN Survey

शनिवार, 3 अक्टूबर 2009

गुड़िया का घर का लखनऊ में मंचन ७ और ८ अक्टूबर को - शरद आलोक


हेनरिक इबसेन का विश्व प्रसिद्ध नाटक 'गुड़िया का घर' अनुदित सुरेशचन्द्र शुक्ल
'शरद आलोक' का लखनऊ में मंचन सूर्य महिला कल्याण समिति द्वारा फिल्माचार्य
आनन्द शर्मा के कुशल निर्देशन में उमानाथ रायबली हाल कैसरबाग़ , लखनऊ उत्तर
प्रदेश भारत में ७ और ८ अक्टूबर को हो रहा है। आपका हार्दिक स्वागत है।

महात्मा गाँधी के जन्म दिन पर नार्वेजीय पार्लियामेंट के सामने शान्तिसभा

सुरेशचन्द्र शुक्ल शरद आलोक गांधी जी पर कविता पढ़ते हुए


नार्वे में महात्मा गाँधी जी का जन्मदिन वर्ल्ड मार्च फॉर पीस एंड नान वैलेंस के तत्वाधान में मनाया गया।

बाएँ से लुईस सन्सेत, गुन्नार गार्बो, सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' और मई बनते बोंदेवीक
नार्वे के पार्लियामेंट के सामने विश्वशान्तिदूत महात्मा गाँधी जी का जन्मदिन वर्ल्ड मार्च फॉर पीस एंड नॉन वाईलेंस की ओर से धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर भारतीय लेखक सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने गांधी जी पर कविता सुनाई और गुन्नार गार्बो, मई बोंदेवीक, लुईस सन्सेत ने अपने विचार रखे और शान्ति की अपील की।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2009

महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं-शरद आलोक

२ अक्टूबर आज इनका जन्मदिन है
महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री, बहुत-बहुत बधाई

आज प्रधानमंत्री लाल्बह्दुर शास्त्री जी का १०५ वां जन्मदिन और विश्व शान्ति दूत महात्मा गांधी जी का जन्म दिन है, आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
महात्मा गांधी विश्व में अहिंसा, समता का bhav रखने वालों और शान्ति के पुजारियों सभी के लिए प्रेरणा के श्रोत हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय शानित और अहिंसा दिवस के रूप में मानाने की घोषणा पहले ही कर चुका है। भारत सरकार ने भी भारत में ग्रामीण रोजगार योजना को महात्मा गांधी के नाम पर करने की गोश्ना की है जो स्वागत योग्य है।
कोपेनहेगन में लोकप्रिय अमेरिका के राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने इस अवसर पर बताया की गांधी जी उनके नायक हैं। मार्टिन लूथर किंग भी भारत गए थे और गांधी जी को अपनी प्रेरणाश्रोत मानते थे।
शान्ति की मशाले ले उठो
जला दो ज्योति शान्ति की
भेदभाव ख़त्म तब होगा
हटाओ घर से भेदभाव को
जीने दो पड़ोसी को
शान्ति से, सुख चैन से
न मरे भूखा कोई आसपास
खिलादो अपने नेवालों से
न कोई छोटा है
न कोई बड़ा है
रंग से, धन से या पद और दशा से
दिशा दोगे तुम्ही अपनों को
स्वयं ज्योति जलाकर के।
शरद आलोक
२ अक्टूबर, ओस्लो, नार्वे