नार्वे से किसान विमर्श पर गोष्ठी की रिपोर्ट
शनिवार, 2 दिसंबर 2023
नार्वे से किसान आन्दोलन के तीन वर्ष पर विश्व की पहली अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी
नार्वे से भारतीय संविधान दिवस की संगोष्ठी -Suresh Chandra Shukla
नार्वे से भारतीय संविधान दिवस की संगोष्ठी और कवि सम्मेलन
शनिवार, 4 नवंबर 2023
नार्वे में अमर्त्य सेन के जन्मदिन पर कवि सम्मेलन
नार्वे में अमर्त्य सेन के जन्मदिन पर कवि सम्मेलन
3 नवम्बर को भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के जन्मदिन पर नार्वे में डिजिटल कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ।
अच्छी रचनाओं ने समा बांध दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे ओम सपरा जी और स्वागत और संचालन किया नार्वे के साहित्यकार सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने।
प्रमिला कौशिक ने मधुर आवाज़ में सरस्वती वन्दना से कवि सम्मेलन की शुरुआत की।
कवि सम्मेलन में रचनापाठ करने वाले रचनाकारों में शशि पराशर, प्रमिला कौशिक, डॉ. रवि कुमार गोंड़, ओम सपरा, प्रो. हरनेक सिंह गिल दिल्ली, डॉ. रश्मि चौबे गाजियाबाद, डॉ. सुषमा सौम्या लखनऊ, डॉ. अमरजीत राम प्रयागराज, जागृति सिन्हा मुंबई।
शुभकामनायें देने वालों में डॉ. हरी सिंह पाल एवं डॉ. राम अवतार बैरवा दिल्ली, अनीता कपूर अमेरिका, प्रो. मोहन कान्त गौतम नीदरलैंड प्रमुख थे।
नोबेल पुरस्कार विजेता विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन एवं डॉ. रवि कुमार गोंड़ के जन्मदिन पर बधाई दी गयी।
शनिवार, 22 जुलाई 2023
मणिपुर जल रहा है संसद मौन: सुरेश चन्द्र शुक्ल
मणिपुर जल रहा है संसद मौन:
सुरेश चन्द्र शुक्ल
न संसद बचेगी न संविधान,
यदि सरकार पर नहीं लगाई गई लगाम।
संवाद संसद से आकर सड़क पर आ गया।
राहुल गाँधी को संसद और सड़क तक रोकना,
आम जनता को विपक्ष को
इस तरह सरकार दे रही धमकी।
सरकार 303 सांसद के बाद
भी क्यों घबरा रही?
गौरिल्ला की तरह बिना चर्चा के
सरकार विधेयक कर रही पारित।
मणिपुर एवं महिलाओं की कर रही उपेक्षा?
कौन जानता है सरकार का गुप्त प्लान,
कारपोरेटर को क्यों बेच रही देश का सामान
गिरवी रखकर अपना ईमान?
मणिपुर जल रहा, संसद मौन है
भारतीय संसद में मणिपुर पर
विपक्षी नेताओं को नहीं बोलने दिया गया।
मणिपुर पर चर्चा पर भारतीय संसद में दो दिन से प्रतिबंध है।
जनता क्यों लाचार हैं,
सरकार को सत्ता का अहंकार है?
महिलाओं के खिलाफ
सरकार का रवैया साफ़ है:
1 बिलकिस बानो केस में
अपराधी पहले ही छूट गये?
2 महिला पहलवानों के दोषी
संसद में घूम रहे हैं।
3 मंत्रियों के बयान देश की महिलाओं
का अपमान कर रहे हैं।
4 प्रधानमंत्री झंडी हिलाने के
लिए नहीं है।
सरकार अपनी जिम्मेदारी निभायें,
वरना दूसरों को मणिपुर में
लोगों के दुःख दर्द सुनने,
मरहम लगाने दें।
देश की संसद में सत्ता क्यों
मौन है।
विदेशी संसद संज्ञान ले रहा है।
नागरिकों की सुरक्षा सरकार
की जिम्मेदारी है।
गलत बयानों से, फेक न्यूज से
सरकार नहीं चलती।
सरकार सक्षम नहीं हैं
नागरिकों की सुरक्षा एवं
ईज्जत बचाने में नाकाम है।
जनता को शर्म है
कि देश में नकारा सरकार है।
क्या दूसरे प्रदेशों में
सरकारी दंगे की तैयारी है?
क्योंकि प्रधान एवं मंत्री मणिपुर के साथ
दूसरे प्रदेश का नाम ले रहे हैं।
अपने बयानों से नफरत और
फेक समाचार फैला रहे हैं।
मणिपुर में इण्टरनेट खोला जाये।
राहत शिविरों में सहायता बढ़ाई जाये।
व्यवस्था दुरुस्त करें।
अब राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से गोहार है।
मणिपुर में शान्ति हो,
या केन्द्र, राज्य सरकार जाये।
जल्द मणिपुर में शान्ति बहाल हो।
विदेश में भारतीय बहुत
परेशान हैं।
- सुरेशचन्द्र शुक्ल
क्षणिकायें- संसद में लिंचिंग - सुरेश चन्द्र शुक्ल
संसद में लिंचिंग
- सुरेश चन्द्र शुक्ल
1 नाच न आये आँगन टेढ़ा
मणिपुर जल रहा है
इधर - इधर की बात कर रहे हैं
केन्द्रीय मन्त्री क्यों गुमराह कर रहे हैं।
2 चोर चोरी करे हेराफेरी से न जाये
फेक न्यूज (झूठे समाचार) फैलाते मन्त्री
का जब झूठ पकड़ा गया
सच पता चला
नफरत फैलाकर उसे हटा लिया गया।
3 संसद में राजनैतिक मॉबलिंचिंग
जब प्रधानमंत्री मणिपुर में हिंसा पर चुप
गाँधी- नेहरू परिवार के सरनेम का मजाक उड़ा रहा
कोई अदालत नहीं संज्ञान ले रहा।
4 शेर आ गया कहावत झूठी पड़ी
मँहगायी बेरोजगारी भुखमरी से गरीब परेशान
झूठ सपने का सच उजागर हो गया
संसद में शेर आ गया विकास की पोटली खाली
शेर नहीं सपने की संसद में प्रधान
नील से रंगा सियार था।
5 आई एन डी आई ए
आई एन डी आई ए जब से गठबंधन बना
देश का पैसा विपक्ष के खिलाफ
अफवाह फैलाने में खर्च कर रहे
सामाजिक माध्यम (सोशल मीडिया) पर
इंडिया बनाम भारत का वाक्युद्ध करा रहे।
(22 जुलाई 2023, ओस्लो)
सुरेशचन्द्र शुक्ल
शुक्रवार, 21 जुलाई 2023
मणिपुर जल रहा है, हम गूँगे हो गये है: सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’
मणिपुर जल रहा है, हम गूँगे हो गये है:
सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’
मणिपुर जल रहा है,
संसद में खड़गे/विपक्ष
आवाज उठा रहा है,
माईक बन्द कराकर,
बोलने नहीं दे रहा है स्पीकर।
स्पीकर हंसकर संसद-कार्यवाही
स्थगित कर रहा है।
नफरत फैलाकर
मणिपुर जलने दिया है।
हिंसा और दंगों की आग में
घी डाल दिया है।
मणिपुर में सैकड़ों महिलाओं की
आबरू लुट रही
दुनिया में देश का नाम
बदनाम हो रहा है।
मणिपुर जल रहा है।
सत्ता का घमण्ड,
महिला पहलवानों को पुलिस से पिटवाया
और उनपर मुक़दमे किये हैं।
सांसद को सरकार ने
ज़मानत दिलाकर छुट्टा छोड़ दिया है।
क्या जनता चुप रहेगी?
अपनी बारी का इंतजार करेगी?
अपने देश की बहन बेटियों की,
क्या रक्षा नहीं करेगी?
धिक्कार है हमारी चुप्पी,
धिक्कार है सरकार को कि
उसने भारत को
विश्व में शर्मसार कर दिया है।
देश की भाई-बहनों की
रक्षा न कर सका।
देश की संपत्ति, ईज्जत,
लोकतंत्र खत्म कर रहा है?
मणिपुर जल रहा है।
अन्याय के खिलाफ
चुप्पी तोड़ो सड़क पर आओ।
महिलाओं की ईज्जत
एवं देश बचाओ।
कौन है जो समाज में
नफरत फैला रहा है।
हमारे युवाओं को
दंगाई बना रहा है।
सरकार हुई निरंकुश
पानी सर से ऊपर जा रहा है।
अनफिट गृह-प्रधानमन्त्री
देश चला रहा है?
यह देश सो रहा है?
इसलिए मणिपुर जल रहा है।
समय बदल रहा है,
जनता का मूड बदल रहा है,
बुद्धिजीवी अवसरवादी
डरा हुआ खड़ा है।
दलित, गरीब, श्रमिक, आदिवासी, किसान
बदलाव चाहता है।
महिला विरोधी सत्ता का
जो गुणगान कर रहा है।
मौन खड़े बुद्धिजीवी क्यों
कालिदास की तरह जाने-अनजाने
जिस लोकतन्त्र की डाल पर बैठे
उसे कटा रहा है।
उठो! गुंजन पक्षी की तरह
जंगल की आग बुझाओ।
हर अशिक्षित बच्चे को
निशुल्क साक्षर बनाओ।
हर अन्याय के खिलाफ
बढ़कर आवाज उठाओ।
- सुरेशचन्द्र शुक्ल
गुरुवार, 20 जुलाई 2023
मणिपुर जल रहा है मानवता बचाना है - suresh Chandra Shukla
मणिपुर जल रहा है मानवता बचाना है
by suresh Chandra Shukla
आज की जन-कविता:
मणिपुर में हिंसा पर सरकारें मौन हैं?
क्या मानवता को शर्मसार कर रही सरकार चाहिये?
जनता मौन है?
जनता डरी-डरी, थकी हुई कुँएँ झांक रही है।
मणिपुर की तरह देश में हिंसा फैलाकर
क्या चुनाव लड़ने - जीतने का घिनौना जतन कर रही है?
प्रधानमन्त्री-गृहमंत्री आप किसका डी एन ए पूछते थे?
आप कौन हैं?
क्या भारत के नाम पर ……।
देश में बढ़ रहा आतंक।
दुनिया आपको रास्ता दिखा रही,
सचेत कर रही।
दुनिया से राजनीतिक खतम हो मौब
और विपक्ष पर सरकारी लिंचिंग?
भारत में
मत कीजिये और खेल
सत्यागृही से मुक्त हो जेल!
जो हमारी महिलाओं की रक्षा नहीं कर सके?
जनता की चुप्पी!
मेरी मणिपुर की बहनों, मुझे धिक्कार है खुद पर।
धिक्कार है कि केंद्र सरकार हूँ,
एक तो पुरुष हूँ, गोदी मीडिया हूँ?
बुझी हुई राख पर हूँ।
सेना, पुलिस, ई डी, सी बी आई,
केवल विपक्ष को फँसाने के लिए है?
कुछ मुख्य मीडिया विदूषक बना हुआ है।
गोदी मीडिया इतिहास में कायरता दर्ज कर गया।
मणिपुर में मानवाधिकार हुआ तार-तार
प्रधान एवं सत्ता शक्ति दिखा रहा बार-बार।
जिस विपक्ष ने चेताया,
सरकार ने विपक्ष को धन्यवाद देने की जगह
उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनवाया।
मणिपुर में
गाँधी के देश में सरकार है अपनी जनता के खिलाफ?
जनता की आवाज उठाने वाले देश विदेश के
यूरोपीय यूनियन ने प्रस्ताव पास किया,
हम शर्म से नहीं गड़ गये।
क्या वह निष्क्रिय है
महामहिम राष्ट्रपति मुँह पर टेप लगाये हैं।
प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के स्तीफा भी कम है?
आज संसद में फिर स्पीकर मणिपुर पर मुस्कुराये
खड़गे जी ने कहा ‘मणिपुर जल रहा है’ कहकर दुःखी हुए।
संवेदनशील लोग देश-विदेश में तो रहे हैं।
स्पीकर मुस्करा रहे थे, शर्म से मरे नहीं।
देश-विदेश में देश की सरकार की वजह से
हमारी प्रतिष्ठा कम हुई है।
पिछले संसद सत्र को
सत्ता पक्ष ने चलने नहीं दिया।
आज 20 जुलाई 2023 को
भारतीय संसद में
स्पीकर ने
मणिपुर चर्चा को नहीं चलने दिया।
नफ़रत का कैरोसिन यदि सरकार नहीं छिड़कती,
पहलवानों के मामले में यदि न्याय किया होता,
उस सांसद को आज ज़मानत न मिलती?
मणिपुर में आज पूरे देश की छवि
दुनिया में धूमिल हुई है।
प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ लोगों को
किया शर्मसार।
खुद सरकार ने किया पाप
जो आज देश के लिए है अभिशाप।
जहाँ प्रधानमंत्री अपाहिज है,
जो दोषी है, निष्क्रिय है जो
ऐक्शन की जगह नक़ली आँसू बहा रहा है।
सिंहासन कौन ख़ाली करवायेगा,
जनता क्या सड़क पर आयेगी।
सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति जी
हिम्मत दिखायेंगी।
क्या सरकार को बर्खास्त करेंगी?
बिलक़िस बानो, फिर
महिला पहलवानों की बारी आयी,
क्या सरकार ने दोषी सांसद की ज़मानत करायी?
मणिपुर के बाद पूरे देश की बारी है।
कवि का सच,
पत्थर की लकीर है।
यदि नहीं जागे आज
कोई नहीं बचेगा।
कमजोर को शक्तिशाली दबायेंगे?
देश को बचाने की
नफ़रत को फैलाने वालों को हटाने की
हम सभी की ज़िम्मेदारी है।
नहीं तो आज हमारी कल तुम्हारी बारी है।
इस देश को बचाने भगवान नहीं आयेंगे।
क्या जनता सामने आयेगी?
- सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’
20.07.23
