शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017

निवेदन: संसद विचार करे और महात्मा गांधी के हत्यारे के बयान और उसका चित्र छापने के लिए रोके -Suresh Chandra Shukla

 निवेदन: संसद विचार करे और महात्मा गांधी के हत्यारे  के बयान और उसका चित्र छापने के लिए रोके
दुर्भाग्य है कि हमको महात्मा गांधी जी के हत्यारे के बयानों जैसी सूचनाओं की जरूरत पड रही है.
मैंने नवभारत टाइम्स में यह सूचना पढ़ी कि सूचना विभाग इसे सार्वजनिक कर रहा है. बहुत सी ऐसी सूचनायें
जैसे प्रजातंत्र में मताधिकार, मानवाधिकार, पर्यावरण, प्रोद्योगिक शिक्षा, श्रमदान और सहकारिता से देश समाज का विकास और भाई चारा बढ़ाने की बातें सीखें, आदि -आदि.

राज घाट नयी दिल्ली 
 अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा जी राजघाट में पुष्प चढ़ाते हुए

मुझे लगता है जो महात्मा गांधी जी के हत्यारे के बयानों जैसी सूचनाओं  के लिये जो बेताब हैं उससे कुछ हल होने वाला नहीं है. बल्कि इससे वह संभव है कि कल नयी पीढ़ी इसे फिर प्रतिबंधित कर दे.
विचार उनके पढ़े जाने वे योग्य होते हैं जिनसे हम सीख सकें. जिस तरह हिटलर की बातें या किताब रखने वाले और उसकी तारीफ करने -वाले कभी भी सफल बुद्धिजीवी नहीं हो सकते उसी तरह यह मिलता जुलता उदाहरण है.
मेरी बात से कोई सहमत हो या ना हो पर मैं  इसके पक्ष में नहीं हूँ  कि पिछली बीसवीं सदी पुरुष अहिंसा के विश्वदूत महात्मा गांधी के हत्यारे के बारे में कोई सूचना और उसकी फोटो प्रकाशित हो क्योंकि यह कोई आदर्श सूचना नहीं है कि हत्यारे के बयान को सार्वजनिक किया जाये.
संसद और न्यायपालिका सबसे उपर है उसका सम्मान करता हूँ पर संसद विचार करे और इसे रोके यह मेरा निवेदन है-

-एक शान्तिप्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक सुरेशचंद्र शुक्ल, 'शरद आलोक' ,ओस्लो, नार्वे

अगले चुनाव में नया मदारी आयेगा सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' Election in India-Suresh Chandra Shukla (A poem in hindi)

अगले चुनाव में नया मदारी आयेगा
सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक'
 
 
बरसात में जगह-जगह कुकुरमुत्ते उग आये हैं,
चुनाव आ गया है
नेता सब जगह दिखाई दे रहे हैं.
लग रहे हैं चुनावों के नारे,
चुनाव के बाद मिलें या न मिलें क्या गारंटी है?
आज सभी प्रत्याक्षियों के गले में घंटी है.
जो चुनाव के बाद खतरे की घंटी हो सकती है!
जनता खाई और कुंएं में बँट सकती है.
यदि आप मत देंगे तो
सबकुछ आपका है, पर छू नहीं सकते,
सुंदरता की तरह देख सकते हैं पर छू नहीं सकते।
जीतकर कितने नेता दिखायी नहीं देंगे।
जनता आज ही दूध का दूध
और पानी का पानी कर देंगी।
तुम नारे लगा रहे हो
लाउडस्पीकर पर दहाड़ रहे हो
पर जनता जाग रही है
कल मतदान देकर बिगुल बजा देगी
अपने विजयी सेवकों का एलान कर देगी।

जनता को सब्ज-बाग,
जनता को राम राज्य का सपना दिखाएँगे,
राम मंदिर भी चुनावी मुद्दा बन जाएंगे।
और चुनाव के बाद कपूर सा उड़ जायेगा।
क्या मतदाता को हमेशा की तरह ठगा जायेगा,
देखते हैं कि पहला कदम कौन उठायेगा?

पीठ पर वायदे उठाये नेता
आपके सपनों का बोझ उठायेंगे,
सच्चाई से सामना हो
उससे पहले अंतर्ध्यान हो जाएंगे।
अपना कर्तव्य निभाना बहुत मुश्किल,
पर वायदा खिलाफी आसान है
संन्यास/ की घोषणा करके
आप कर्जा न भी चुकाएँ आप धार्मिक कहलायेंगे।
तमाशबीन जनता को देख नेता मुस्कायेगा,
मदारी की तरह सब कुछ लपेट कर
छू मंतर हो जायेगा।
जनता को सब्ज-बाग दिखाने
अगले चुनाव में नया मदारी बनकर आयेगा।

नुंग्शी और ताशी मालिक के सम्मान में ओस्लो में पार्टी Nungshi and Tashi Malik in Oslo - Suresh Chandra Shukla, Oslo, 17.02.17

 नुंग्शी और ताशी मालिक ने विश्व में  अनेक कीर्तिमान बनाये
 दो बहनों नुंग्शी और ताशी मालिक ने विश्व में  अनेक कीर्तिमान बनाये हैं. नुंग्शी और ताशी मालिक नेएवरेस्ट के अलावा विश्व के सभी सात पर्वत शिखरों पर चढ़ाई कर विजय पायी और उत्तरी और दक्षिण धुरुव की यात्रा करने वाली ये काम आयु की पहली बहने हैं. इन पर मुझे बहुत नाज है.

 भारतीय राजदूत महामहिम देबराज प्रधान जी ने १५ फरवरी को अपने निवास ओस्लो, नार्वे में शोहरत के शिखर पर पहुंचीं भारतीय युवा महिलाओं को नुंग्शी और ताशी मलिक के सम्मान में दी पार्टी।
नुंग्शी और ताशी ने विश्व के पर्वत शिखरों (एवरेस्ट शामिल है) के साथ उत्तरी और दक्षिणी धुर्व की यात्रा की. ऐसी बेटियों को लाख-लाख नमन.

चित्र में बाएं से स्वयं मैं, नुंग्शी मलिक, संगीता, ताशी मलिक, और महामहिम देबराज प्रधान जी.
HE Debraj Pradhan hadde et ære-parti for Nungshi og Tashi Malik som har klatret på verdens høyeste fjell Everest og reiste til Nord og Sørpol. Vi er stolt av de indiske jenter.

मंगलवार, 14 फ़रवरी 2017

मोदी जी का प्रशंसक पर गाँधी जी के सिद्धान्तों का पक्षधर हूँ - Suresh Chandra Shukla

मोदी जी का प्रशंसक पर गाँधी जी के सिद्धान्तों का पक्षधर हूँ गाँधी जी के सामने मोदी जी कहीं नहीं ठहरते?
गांधी जी का नाम चरखा से जुड़ा है वह स्वदेशी, खादी के पर्याय हैं. श्री नरेंद्र मोदी की अनेक बायोग्राफी मेरे पास हैं पर कहीं भी चरखे या खादी का विशेष जिक्र नहीं है पर प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने खादी भण्डार के पोस्टर से गांधी जी को चलता किया और अपनी तस्वीर स्वीकार की. मैं उनसे और उनके पूछता हूँ कि क्या गारंटी है कि उनकी यह तस्वीर सदा यहाँ रहेगी? 
मैं मोदी जी का समर्थक और प्रशंसक हूँ, प्रधानमंत्री सभी का होता है यह वह भूल जाते हैं.
वह अपने को अक्सर केवल बी जे पी का ही प्रधानमंत्री मानते हैं ऐसा मैंने लोगों को कहते सुना है. मेरे बहुत अच्छे मित्र बी जे पी से सम्बन्ध रखते हैं और जो बहुत अच्छे इंसान हैं. 
आदमी जो सुनता है वह अक्सर वह एक पक्ष भी हो सकता है. ऐसा कभी नहीं होता कि एक नेता हमेशा चर्चित रहता है जो ऊंचाई पर चढ़ेगा वह नीचे भी उतरेगा यह प्रकृति का नियम है.  दुनिया में बहुत से लोग हैं जिन्हें मोदी जी के कुछ कार्य और मोदी जी के कुछ कार्य पसंद हैं. पर सवाल यह है कि व्यक्ति को कुछ ऐसा नहीं बोलना चाहिये जिससे बाद में प्रतिष्ठा गिरे। जबान से शब्द निकलने के बाद अपने नहीं रहते वे सार्वजनिक हो जाते हैं.  


इन्दिरा जी के शासन काल सन 1983 में कंप्यूटर में तेजी आयी 
मोदी जी ने पार्टी बैठक में कुछ इस तरह कहा कि इंदिरा जी के शासन काल में  स्वाइप मशीन आदि लग जाती नोट बंदी होती तो उन्हें आसानी हो जाती।
आपकी जानकारी के लिए बता दूँ मैं भारत की आई टी मिनिस्ट्री में दो बार गया हूँ. वहां से ज्ञात हुआ कि सन 1983 से  यह मिनिस्ट्री पूरे देशवासियों को हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओँ के प्रोग्राम (साफ्ट वेयर) मुफ्त उपलब्ध कराती थी.  जिससे सभी इच्छुक और बड़ी छोटी इंडस्ट्री को साफ्टवेयर मुफ्त मिला जबकि विदेशी कंपनियां इस तरह के साफ्टवेयर बेचती थीं. इंदिरा जी की ह्त्या सन 1984 में हो गयी थी. 

इंदिरा गांधी जी एक शिष्ट नेता थीं 
इंदिरा जी के भाषणों को उठाकर देखें तो आप पाएंगे कि उनके भाषण नपे तुले होते थे. मुझे इंदिरा गांधी जी से तीन बार मिलने का मौक़ा मिला था. मोदी जी से प्रवासी भारतीय दिवस पर एक बार हाथ मिलाया है.

इन्दिरा और मोदी के दो वर्ष के भाषणों पर तुलनात्मक एम फिल हो 
इंदिरा जी के दो सालों के भाषणों और मोदी जी के दो सालों के सार्वजनिक मंचों/आम सभा/पार्टी बैठक का संग्रह एक साथ तुलना के साथ छपाया जाये तो अच्छा होगा।  इन्दिरा जी ने इमरजेंसी लगाई जिसमें बहुत से फायदे हुए और बहुत ज्यादा नुक्सान भी  हुये।  राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी इस पर एम फिल भी कर सकते हैं.
तानाशाही के कारण चुनाव हारने के बाद इंदिरा जी जयप्रकाश नारायण से मिलने गयीं और छमा माँगी थी. और वह दोबारा सत्ता में आयीं।  राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी इस पर एम फिल भी कर सकते हैं.

मोदी जी का समर्थक और प्रशंसक
मैं मोदी जी का समर्थक और प्रशंसक हूँ, प्रधानमंत्री सभी का होता है यह वह भूल जाते हैं.
वह अपने को अक्सर केवल बी जे पी का ही प्रधानमंत्री मानते हैं ऐसा मैंने लोगों को कहते सुना है. आदमी जो सुनता है वह अक्सर वह एक पक्ष भी हो सकता है. ऐसा कभी नहीं होता कि एक नेता हमेशा चर्चित रहता है जो ऊंचाई पर चढ़ेगा वह नीचे भी उतरेगा यह प्रकृति का नियम है.  

जिस महान नेता  इंदिरा गाँधी जी को अटल जी ने देवी और रणचण्डी कहकर सम्मानित किया उन्हें प्रधानमंत्री मोदी जी पार्टी बैठक में भ्रमात्मक बयान  दे रहे हैं. एक प्रधानमंत्री को दूसरे प्रधानमंत्री की इज्जत करनी चाहिये। इंदिरा जी विदेशों में प्रेस कांफ्रेंस में नहीं बोलती थीं और मोदी जी ज्यादातर बोलते हैं. इंदिरा जी के समय 1983 में सरकार ने निशुल्क कंप्यूटर प्रोग्राम उपलब्ध न कराये होते तो पे टी एम, ए टी एम हमारे आप तक आज नहीं पहुँच पाते। उनकी मृत्यु के समय से पहले ही उसका उत्पादन शुरू हुआ था और निशुल्क प्रचार बढ़ा था. बाद में राजीव जी ने कार्यभार संभाल कर सुपर कंप्यूटर आदि बनवाये। जिससे वह मिस्टर कंप्यूटर कहलाये। 

जिस महान नेता  इंदिरा गाँधी जी को अटल जी ने देवी और रणचण्डी कहकर सम्मानित किया उन्हें प्रधानमंत्री मोदी जी पार्टी बैठक में भ्रमात्मक बयां दे रहे हैं. एक प्रधानमंत्री को दूसरे प्रधानमंत्री की इज्जत करनी चाहिये। इंदिरा जी विदेशों में प्रेस कांफ्रेंस में नहीं बोलती थीं और मोदी जी ज्यादातर बोलते हैं. इंदिरा जी के समय 1983 में सरकार ने निशुल्क कंप्यूटर प्रोग्राम उपलब्ध न कराये होते तो पे टी एम, ए टी एम हमारे आप तक आज नहीं पहुँच पाते। उनकी मृत्यु के समय से पहले ही उसका उत्पादन शुरू हुआ था और निशुल्क प्रचार बढ़ा था. मोदी जी विवादित लेखक किसिंगर को भी पढ़ें।  इंदिरा जी के समय में देश के अंदर राष्ट्रीय कोष में सबसे अधिक सोना, सरकारी कर्मचारियों के बचत खाते में धन जमा कराया गया था तब नार्वेजीय 0,75 क्रोन में एक रुपया मिलता था अब इसमें दस गुना मिलता है. रेल के सभी कारखाने अच्छा उत्पादन करते थे. रेल समय पर आती थी.  मैं रेल में काम करता था आजकल भारत के एक अखबार में यूरोप संपादक और ओस्लो नार्वे में पत्रकार हूँ. यह भी बता दूँ मैं मोदी जी का फैन हूँ पर उनकी इन बातों से अपने फैन को निराश कर रहे हैं. मैं इन्दिरा जी से तीन बार मिला हूँ और मोदी जी से भारतीय प्रवासी दिवस पर हाथ मिलाया है. --- सुरेशचंद्र शुक्ल, ओस्लो, नार्वे 

सोमवार, 13 फ़रवरी 2017

14 फरवरी को माननीय सुषमा स्वराज जी का जन्मदिन है. बहुत-बहुत शुभकामनायें। - Suresh Chandra Shukla, Oslo, Norway


१४ फरवरी को हमारी भारत की विदेश मंत्री माननीय सुषमा स्वराज जी का जन्मदिन है. बहुत-बहुत शुभकामनायें। 
 वह स्वस्थ रहें और दीर्घायु हों. पिछले वर्ष वह १० जनवरी २०१६ को उनसे मिलाना हुआ था विश्व हिंदी दिवस पर दिल्ली में मिलना हुआ था. 

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2017

10th february 2017 दस फरवरी को मेरे जन्मदिन पर मुझपर लिखी किताब रिलीज होगी- सुरेश चन्द्र शुक्ल, ओस्लो, नार्वे - Suresh Chandra Shukla


 दस फरवरी जिंदाबाद १०-०२-१७ 

 दस फरवरी जिंदाबाद क्योंकि 10th february 2017   दस  फरवरी को मेरे जन्मदिन पर मुझपर लिखी किताब रिलीज होगी ओस्लो, नार्वे  में- 
बंधुवर, आप सादर आमंत्रित हैं पुस्तक रिलीज पर. एक पुस्तक जो मुझ पर लिखी है पूर्व टाउन मेयर थूरस्ताइन विंगेर ने (Torstein Winger tidligere BU-Leder i Bydel Bjerke) थूरस्ताइन विंगेर ने. शुक्रवार 10 फरवरी को शाम साढ़े पांच बजे वाइतवेत सेन्टर के मंच पर, Veitvetveien 8 i Oslo.
आइये मिलते हैं. आने की सूचना दीजिये ई-मेल पर:suresh@shukla.no

 10 फरवरी को  मेरा जन्मदिन है. और मुझ पर लिखी एक नार्वेजीय भाषा में लिखी पुस्तक रिलीज होगी ओस्लो, नार्वे में।
पुस्तक का नाम है "Brobyggeren"(सेतु निर्माण करने वाला) लेखक का नाम है थूरस्टाइन विंगेर Torstein Winger. 
10th february 2017   दस  फरवरी को मेरे जन्मदिन पर मुझपर लिखी किताब रिलीज होगी- सुरेश चन्द्र शुक्ल, ओस्लो, नार्वे  - Suresh Chandra Shukla

शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017

"मोदी जी" इतिहास दोहराना नहीं -सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक'

आदरणीय नरेन्द्र दामोदर मोदी जी आप इतिहास दोहराना नहीं।  नया 

इतिहास बनाइये। 

आदरणीय नरेन्द्र दामोदर मोदी जी आप इतिहास दोहराना नहीं।  नया इतिहास बनाइये। गुना-भाग से बेहतर होगा कि सही कार्य कीजिये और उस भाषा में समझाइये जो आम जनता समझती है. धन्यवाद और आभार कि आप भारत देश के प्रधानमंत्री हैं- सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' 

मोदी जी! जो अच्छा था उसे अपनाना और जो आप जोड़ सकते हों उसे जोड़िये, सभी को समन्वय करके चलिये। एक तरह की विचारधारा कभी किसी समाज का आधुनिक युग में भला नहीं करती।  सभी को लेकर चलना पड़ता है. हमारे पुरुषोत्तम राम तो नहीं बन सकते पर उनके कर कमलों पर चल सकते हैं. बहिष्कार, अनदेखा करना, केवल आलोचना करना या सुनकर सकारात्मक जवाब न देना आज के समय से मेल नहीं खाती। यदि अमेरिका, रूस, जापान या पड़ोसी राज्य/देश में मुसीबत है तो उसकी मदद या उससे मिलकर उसका दर्द जानना जरूरी है. आज पल्ला झाड़ने का ज़माना नहीं है. यदि आपने अच्छे  कार्य किये तो जनता दुबारा या यदि दोबारा नहीं तो तिबारा लायेगी। राजनीती एक औजार है समाज के लिए अच्छा करने और उसे बदलने का, न कि मुट्ठी भर लोगों के लिए टूल बनने का. 

मित्रों पढ़िये शेषनारायण जी के  फेसबुक से विचार लिए गए हैं. -सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक', ओस्लो, 03.02.17
"मोदी जी" ( शेष नारायण सिंह के फेसबुक से आभार सहित)

आप उस देश के *प्रधान मंत्री* हो जो देश *तीन सौ साल ग़ुलाम* रहा !
जिस देश को अंग्रेजो ने लूट खसोट कर ओर जातीवाद में बाट के बर्बाद कर इस देश की बाग़डोर कोंग्रेस को सोपी थी !
*194 7* में देश में *सुई*
नही बनती थी !
सारा देश *राजा रजवाड़ों* के झगड़ो में *बटा* हुआ था
देश के मात्र *पचास गाँवों में बिजली* थी !
पूरे *राजस्थान में मात्र बीस राजाओं के महल* में फ़ोन था !
किसी गाँव में नल नही थे।
पूरे देश में *मात्र दस बाँध* थे ! सीमाओं पे *मात्र कुछ सेनिक* थे ! *चार विमान थे बीस टेंक* थे !
देश की *सीमाएँ चारो तरफ़ से खुली थी !*
*खजाना ख़ाली था ऐसे बदहाल* में हमारा *हिंदुस्तान कोंग्रेस* को मिला था !
इन *साठ सालों में कोंग्रेस* ने हिंदुस्तान में *विश्व की सबसे बड़ी ताक़त वाली सेन्य शक्ति तैयार की*
*हज़ारों विमान -हज़ारो टेंक -लाखों फ़ैक्ट्रीया लाखों गाँवों में बिजली*
*हज़ारों बाँध लाखों किलोमीटर सड़कों का निर्माण परमाणु बम*
*हर हाथ में फ़ोन -हर घर में मोटर साई किल वाला मजबूत देश साठ में बना कर दिया हे कोंग्रेस ने !*
भारत ने पिछले ६० सालों में तरक्की भी बहुत की है और भूतपूर्व प्रधानमंत्रियों ने कई इतिहास रच दिए हैं जिसकी वजह से भारत आज एशिया की दूसरी सब से बड़ी ताकत है।
1-भारत दुनिया का सर्व *श्रेष्ठ संविधान* बना चुका था...
2-भारत *एशियाई खेलों की मेजबानी* कर चुका था...
3- *भारत में भाखड़ा और रिहंद जैसे बाँध बन* चुके थे...
4- *देश भामा न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर का उद्घाटन कर चुका था..*
5- *देश में तारापुर परमाणु बिज़ली घर शुरू हो चुका था...*
6- *देश में कई दर्जन AIIMS, IIT, IIMS और सैकड़ों विश्वविद्यालय खुल km चुके थे..*
7- *नेहरु ने नवरत्न कम्पनियाँ स्थापित कर दी थी...*
8- *कईसालों पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को लाहौर के अंदर तक घुसकर मारा था और लाहौर पर कब्जा कर लिया था।*
9- *पंडित नेहरु पुर्तगाल से जीत कर गोवा को भारत में मिला चुके थे...*
10- *नेहरु जी ने ISRO (Indian Space Research Organization) की शुरुआत कर दी थी...*
11- *भारत में श्वेत क्रांति की शुरुआत हो चुकी थी..*
12- *देश में उद्योगों का जाल बिछ चुका था..*
13- *इंदिरा जी पाकिस्तान के दो टुकड़े कर चुकी थी, पाकिस्तान १ लाख सैनिकों और कमांडरो के साथ भारत को सरेंडर कर चुका था।*
14- *तब भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण हो चूका था..*
15- *इंदिरा जी ने सिक्किम को देश में जोड़ लिया था....*
16- *देश अनाज के बारे में आत्म निर्भर हो गया था.*
17- *भारत हवाई जहाज और हेलीकाप्टर बनाने लगा था...*
18- *राजीव गाँधी ने देश के घर घर में टीवी पहुंचा दिया था।*
19- *देश में सुपर कम्प्यूटर, टेलीविजन और सुचना क्रांति ( Information Technology) पूरे भारत में स्थापित हो चुका था..*
20- *जब मोदी प्रधान मंत्री पद की शपथ ले रहे थे तब तक भारत सर्वाधिक विदेशी मुद्रा के कोष वाले प्रथम १० राष्ट्रों में शामिल हो चुका था*
21- *इनके अलावा..चन्द्र यान,*
22- *मंगल मिशन ,*
23- *GSLV,*
24- *मेट्रो,*
25- *मोनो रेल,*
26- *अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे,*
27- *न्यूक्लियर पनडुब्बी,*
28- *ढ़ेरों मिसाइल,पृथ्वी, अग्नि, नाग*
29- *दर्जनों परमाणु सयंत्र,*
30- *चेतक हेलीकाप्टर, मिग*
31- *तेजस, ड्रोन, अर्जुन टैंक, धनुष तोप,*
32- *मिसाइल युक्त विमान,*
33- *आई एन एस विक्रांत*
*विमान वाहक पोत......*
ये सब उपलब्धियां देश ने मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पहले हासिल कर ली थी.....