शुक्रवार, 9 जून 2017

आज कितने नेता तर्कसंगत कहते हैं. उन्हें कबीर दास जी से सीखना चाहिये। -Suresh Chandra Shukla, 09.06.2017


 कबीर दास जी सभी में लोकप्रिय है. वह सरल और जनता की भाषा में अपनी बात कहते थे वह भी तर्कसंगत।
आज कितने नेता तर्कसंगत कहते हैं. उन्हें कबीर दास जी से सीखना चाहिये।















 कबीर दास जी पर भारतीय डाक टिकट. 

जो तो बाभन बंभनी जाया, आन राह तू क्यों नहीं आया।
जो तू तुर्कन तुर्कनी जाया, अन्दर खतना क्यों न कराया।।
धार्मिक आडम्बरों एवं पाखन्डों के लिए हिन्दूओं और मुसलमानों को समान रूप से फटकार लगाने वाले महान क्रान्तिकारी सन्त कबीर दास जी की आज 640 वीं जयन्ती चल रही है।
कबीर दास जी की जन्म तिथि का पता नहीं है.

हम जिसका बहुत विरोध करते हैं वह नायक बन सकता है जैसे नरेंद्र मोदी जी अब राहुल गांधी जी. -Suresh Chandra Shukla


 किसी का विरोध आपको लोकप्रिय कर सकता है.

 हम जिसका बहुत विरोध करते हैं वह नायक बन सकता है जैसे श्री नरेंद्र मोदी जी अब श्री राहुल गांधी जी. मेरे पत्रकार मित्र शेष नारायण जी की फेसबुक पर टिप्पणी काबिले गौर है:
"सत्ताधारी पार्टी की राहुल गांधी को बहुत हलका और बेवकूफ नेता साबित करने की योजना सफल होती नजर नहीं आ रही है . और अब तो जब बीजेपी के प्रवक्ता टीवी पर राहुल गांधी का मजाक उडाते हैं तो लगता है , राहुल का प्रचार कर रहे हैं .यही काम विपक्ष ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभियान चला कर किया था जब एक राज्य के नेता को राष्ट्रीय नेता और प्रधान मंत्री बना दिया था ."

दिलचप बयान: क्या श्री अरविन्द केजरीवाल केन्द्री मंत्री बनेंगे?
 यदि दिल्ली के अपदस्त किये गए मंत्री कपिल मिश्रा जी का विरोध भी मुख्यमंत्री अरविन्द केजरी वाल जी को केंद्रीय मंत्री बनाएगा? क्योकि आये दिन किसी का नाम मीडिया में आने से चर्चा में रहते हैं नेता। और जनता पक्ष और विपक्ष का ख्याल न कर चर्चित व्यक्ति की तरफ आकर्षित होती है?

मंगलवार, 6 जून 2017

किसानों की समस्या विकट है प्रति महीने भारतीय किसान 1700 रूपये पर महीने कृषि से कमाता है. -Suresh Chandra Shukla

 किसानों की समस्या बहुत बड़ी है. 
सरकार जल्द ही किसानों के पक्ष में फैसला करेगी।  
किसान आंदोलन भी मांग पूरी होने के साथ कम हो सकता है.  

किसान अन्न दाता है और स्वयं भूखा हो, परेशान हो तो क्या बीतेगी उस पर. किसानों की समस्या विकट  है प्रति महीने भारतीय किसान 1700 रूपये पर महीने कृषि से कमाता है. ईश्वर सभी को सदबुद्धि दे और किसानों की माँग पूरी करनी पड़ेगी।
लक्ष्मी शंकर बाजपेयी जी ने अपने फेसबुक में लिखा है,
 "आज़ादी के 70 साल बाद " कृषि प्रधान" ..माफ करें.." कुर्सी प्रधान " देश के 6 किसान बेरहमी से मार डाले गये..अभी साँसदोँ विधायकों के भत्ते बढ़ाने का मसला होता तो सारे " मौसेरे भाई" तीन मिनट मे बिल पास कर लेते.. न कोई दक्षिण पँथी होता न वामपंथी...

टी वी व उनके प्रोमोटरों और पत्रकारों पर हमला आजादी और प्रेस पर हमला है- Freedom of press in danger सुरेशचन्द्र शुक्ल Suresh Chandra Shukla

 भारत में मीडिया पर हमला आजादी और प्रेस पर हमला 
आज जब भारत देश के किसान परेशान हैं वह आंदोलन की तरफ बढ़ रहे हैं उनकी रिपोर्ट और समाचार भारतीय मीडिया (टी वी ) नहीं दिखा रहा है या कम दिखा रहा है. एन डी टी वी के पत्रकारों, प्रोमोटरों और दुसरे मीडिया कर्मियों को सरकारी ताकत से किसी न किसी रूप से डराया और धमकाया जा रहा है. यह भारतीय पत्रों से जानकारी मिल रही है.  इसे पढ़ने के लिए धन्यवद और आभार। 
इस लिहाज श्री रवीश कुमार जी की रिपोर्ट काबिले तारीफ़ है. -सुरेशचन्द्र शुक्ल

डर की राजधानी दिल्ली-रवीश कुमार की रिपोर्ट 

 

https://khabar.ndtv.com/video/show/prime-time/delhi-the-capital-of-fear-459257

सोमवार, 5 जून 2017

एन डी टी वी पर छापे पर राजनैतिज्ञों के विचार मीडिया का काम आलोचना करना -Suresh Chandra Shukla

 एन डी टी वी पर छापे पर राजनैतिज्ञों के विचार 
मीडिया का काम आलोचना करना 
https://www.facebook.com/Aapkiaawazzz/videos/1395625800555513/?fref=mentionshttps://www.facebook.com/Aapkiaawazzz/videos/1395625800555513/?fref=mentions
धन्यवाद। आपका दिन मंगलमय हो. प्रेस आजादी अमर रहे.













 एन डी टी वी के प्रणव राय जिनके घर सी बी आई के छापे मारे जाए रहे हैं. 



भारत एक गौरवशाली राष्ट्र है जहाँ गरीबी में रहकर भी लोग शान्ति से रहते हैं पर वह अपनी आजादी और स्वतंत्रता बरकरार रखना चाहते हैं. लेकिन अब मीडिया को खासकर एन डी टी वी को निशाना बनाया गया है.
भारत और बहुत से मिलेट्री /डिक्टेटर  वाले देशों में मीडिया को दबाया और धमकाया जा रहा है.
पत्रकार और मीडिया ग्रुप या तो डरे हुए हैं या शक्ति का मीडिया के खिलाफ दुरूपयोग करने वाले शासक उन्हें दबा रहे हैं. यदि मीडिया स्वतन्त्र नहीं है तो हम स्वतन्त्र नहीं हैं.
यदि 1962 में भारतीय प्रेस को विदेशी मामले में लिखने की आजादी होती तो शायद चीन द्वारा युद्ध करने की मंशा को भारतीय प्रेस में पहले छापा जा सकता था. तब चाउ एन लाई की भारत यात्रा में यह नारे न लगाए जाते कि भारत-चीनी भाई-भाई.
आज जब भारत देश के किसान परेशान हैं वह आंदोलन की तरफ बढ़ रहे हैं उनकी रिपोर्ट और समाचार भारतीय मीडिया (टी वी ) नहीं दिखा रहा है या कम दिखा रहा है. एन डी टी वी के पत्रकारों, प्रोमोटरों और दुसरे मीडिया कर्मियों को सरकारी ताकत से किसी न किसी रूप से डराया और धमकाया जा रहा है. यह भारतीय पत्रों से जानकारी मिल रही है.  इसे पड़ने के लिए धन्यवदा और आभार। 
इस लिहाज श्री रवीश कुमार जी की रिपोर्ट काबिले तारीफ़ है. -सुरेशचन्द्र शुक्ल

डर की राजधानी दिल्ली-रवीश कुमार की रिपोर्ट 

https://khabar.ndtv.com/video/show/prime-time/delhi-the-capital-of-fear-459257 

एन डी टी वी को परेशान न किया जाये। प्रेस आजादी पर जनता हो जागरूक। प्रेस आजादी बहुत जरूरी। -Suresh Chandra Shukla

भारत में प्रेस आजादी निर्भर करता है हमारी जागरूकता पर. एन डी टी वी एक लोकप्रिय चैनल है आशा है कि केंद्रीय सरकार इसके प्रतिनिधियों पर सी बी आई द्वारा छापे बंद कराये और जिन्होंने औसा किया है उन्हें दंड या चेतावनी दी जाए कि वह भारतीय स्वतन्त्र प्रेस पर गलत दबाव न बनायें।
 एनडीटीवी के प्रणय रॉय के घर सीबीआई का छापा (वेबदुनिया से साभार)

नई दिल्ली। न्यूज चैनल एनडीटीवी के फाउंडर और एग्जीक्यूटिव को-चेयरपर्सन प्रणय रॉय के आवास पर और उनकी पत्नी राधिका रॉय के घर सीबीआई ने सोमवार सुबह छापेमारी की है। प्रणव रॉय और राधिका रॉय पर फंड डायवर्जन तथा बैंक से धोखाधड़ी का आरोप है। दिल्ली और देहरादून के 4 ठिकानों पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की।
सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने आईसीआईसीआई बैंक को कथित तौर पर 48 करोड़ रुपए का नुकसान आरआरपीआर होल्डिंग्स के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि एजेंसी दिल्ली और देहरादून में चार स्थानों पर तलाशी ले रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह 8.00 बजे के करीब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की टीम एनडीटीवी न्यूज चैनल के प्रमोटर प्रणय रॉय के ग्रेटर कैलाश-1 स्थित घर पहुंची और छापेमारी की। प्रणय रॉय पर फंड डायवर्जन और बैंक से फ्रॉड का आरोप है।  
छापे पर एनडीटीवी की प्रतिक्रिया:  
सीबीआई के छापेमारी पर एनडीटीवी ने एक बयान में कहा, 'एनडीटीवी और इसके प्रवर्तक कई एजेंसियों द्वारा की जा रही प्रतिशोध की कार्रवाई के खिलाफ अथक रूप से लड़ेंगे। हम भारत में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करने प्रयासों के सामने नहीं झुकेंगे।  

एनडीटीवी ने एक बयान में कहा, 'आज सुबह सीबीआई ने पुराने अंतहीन झूठे आरोपों के आधार पर एनडीटीवी एवं उसके प्रमोटरों के संगठित उत्पीड़न को और अधिक बढ़ा दिया।' बयान में कहा गया कि एनडीटीवी और उसके प्रमोटर विभिन्न एजेंसियों की ओर से की जा रही इस बदले की कार्रवाई के खिलाफ लगातार लड़ते रहेंगे।
 इसमें कहा गया, 'हम भारत में लोकतंत्र और बोलने की स्वतंत्रता  को बुरी तरह से कमजोर कर देने के इन प्रयासों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। भारत के संस्थानों और भारत जिन चीजों के लिए खड़ा है, उन्हें बर्बाद करने की कोशिश करने वालों के लिए हम एक संदेश देना चाहते हैं- हम अपने देश के लिए लड़ेंगे और इन ताकतों पर जीत हासिल करेंगे।' (भाषा)  


एनडीटीवीके साथ देश का बहुत बड़ा दर्शक वर्ग साथ में जो प्रेस आजादी के लिए बहुत जरूरी है.

शनिवार, 3 जून 2017

सुंदरजीत अहलूवालिया का सन्देश भारतीय दूतावास ओस्लो, नार्वे में. -सुरेश चंद्र शुक्ल

Et velkomstparti for Den indiske delegasjon ble gitt hos HE Debraj Pradan, Den indiske ambassadøren i Oslo. भारतीय राजदूत महामहिम देबराज प्रधान के निवास पर भारतीय संसद दल के स्वागत में एक पार्टी हुई जिसमें नार्वेजीय स्टेट सेक्रेटरी हिमांशु गुलाटी भारत से केंद्रीय संसदीय मंत्री सुंदरजीत अहलूवालिया और संसदीय दल व भारतीय लोग सम्मिलित हुए.
सन्देश (आभार फेसबुक इंडियन प्रेस नार्वे)
https://www.facebook.com/100008169040393/videos/1934362546846028/https://www.facebook.com/100008169040393/videos/1934362546846028/