हम चुप क्यों हैं?
शुक्रवार, 22 दिसंबर 2023
हम चुप क्यों हैं? - सुरेशचन्द्र शुक्ल शरद आलोक
सोमवार, 18 दिसंबर 2023
संसद पर आज फिर हमला हो गया: 92 सांसदों का निलम्बन कर दिया
आज की कविता
शुक्रवार, 15 दिसंबर 2023
उनका विवेक तो मरता ..आँखों का पानी मर जाता।- सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक'
उनका विवेक तो मरता ही है, आँखों का पानी मर जाता है।
सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक'
शनिवार, 2 दिसंबर 2023
नार्वे से किसान आन्दोलन के तीन वर्ष पर विश्व की पहली अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी
नार्वे से किसान विमर्श पर गोष्ठी की रिपोर्ट
नार्वे से भारतीय संविधान दिवस की संगोष्ठी -Suresh Chandra Shukla
नार्वे से भारतीय संविधान दिवस की संगोष्ठी और कवि सम्मेलन
शनिवार, 4 नवंबर 2023
नार्वे में अमर्त्य सेन के जन्मदिन पर कवि सम्मेलन
नार्वे में अमर्त्य सेन के जन्मदिन पर कवि सम्मेलन
3 नवम्बर को भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के जन्मदिन पर नार्वे में डिजिटल कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ।
अच्छी रचनाओं ने समा बांध दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे ओम सपरा जी और स्वागत और संचालन किया नार्वे के साहित्यकार सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने।
प्रमिला कौशिक ने मधुर आवाज़ में सरस्वती वन्दना से कवि सम्मेलन की शुरुआत की।
कवि सम्मेलन में रचनापाठ करने वाले रचनाकारों में शशि पराशर, प्रमिला कौशिक, डॉ. रवि कुमार गोंड़, ओम सपरा, प्रो. हरनेक सिंह गिल दिल्ली, डॉ. रश्मि चौबे गाजियाबाद, डॉ. सुषमा सौम्या लखनऊ, डॉ. अमरजीत राम प्रयागराज, जागृति सिन्हा मुंबई।
शुभकामनायें देने वालों में डॉ. हरी सिंह पाल एवं डॉ. राम अवतार बैरवा दिल्ली, अनीता कपूर अमेरिका, प्रो. मोहन कान्त गौतम नीदरलैंड प्रमुख थे।
नोबेल पुरस्कार विजेता विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन एवं डॉ. रवि कुमार गोंड़ के जन्मदिन पर बधाई दी गयी।
शनिवार, 22 जुलाई 2023
मणिपुर जल रहा है संसद मौन: सुरेश चन्द्र शुक्ल
मणिपुर जल रहा है संसद मौन:
सुरेश चन्द्र शुक्ल
न संसद बचेगी न संविधान,
यदि सरकार पर नहीं लगाई गई लगाम।
संवाद संसद से आकर सड़क पर आ गया।
राहुल गाँधी को संसद और सड़क तक रोकना,
आम जनता को विपक्ष को
इस तरह सरकार दे रही धमकी।
सरकार 303 सांसद के बाद
भी क्यों घबरा रही?
गौरिल्ला की तरह बिना चर्चा के
सरकार विधेयक कर रही पारित।
मणिपुर एवं महिलाओं की कर रही उपेक्षा?
कौन जानता है सरकार का गुप्त प्लान,
कारपोरेटर को क्यों बेच रही देश का सामान
गिरवी रखकर अपना ईमान?
मणिपुर जल रहा, संसद मौन है
भारतीय संसद में मणिपुर पर
विपक्षी नेताओं को नहीं बोलने दिया गया।
मणिपुर पर चर्चा पर भारतीय संसद में दो दिन से प्रतिबंध है।
जनता क्यों लाचार हैं,
सरकार को सत्ता का अहंकार है?
महिलाओं के खिलाफ
सरकार का रवैया साफ़ है:
1 बिलकिस बानो केस में
अपराधी पहले ही छूट गये?
2 महिला पहलवानों के दोषी
संसद में घूम रहे हैं।
3 मंत्रियों के बयान देश की महिलाओं
का अपमान कर रहे हैं।
4 प्रधानमंत्री झंडी हिलाने के
लिए नहीं है।
सरकार अपनी जिम्मेदारी निभायें,
वरना दूसरों को मणिपुर में
लोगों के दुःख दर्द सुनने,
मरहम लगाने दें।
देश की संसद में सत्ता क्यों
मौन है।
विदेशी संसद संज्ञान ले रहा है।
नागरिकों की सुरक्षा सरकार
की जिम्मेदारी है।
गलत बयानों से, फेक न्यूज से
सरकार नहीं चलती।
सरकार सक्षम नहीं हैं
नागरिकों की सुरक्षा एवं
ईज्जत बचाने में नाकाम है।
जनता को शर्म है
कि देश में नकारा सरकार है।
क्या दूसरे प्रदेशों में
सरकारी दंगे की तैयारी है?
क्योंकि प्रधान एवं मंत्री मणिपुर के साथ
दूसरे प्रदेश का नाम ले रहे हैं।
अपने बयानों से नफरत और
फेक समाचार फैला रहे हैं।
मणिपुर में इण्टरनेट खोला जाये।
राहत शिविरों में सहायता बढ़ाई जाये।
व्यवस्था दुरुस्त करें।
अब राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से गोहार है।
मणिपुर में शान्ति हो,
या केन्द्र, राज्य सरकार जाये।
जल्द मणिपुर में शान्ति बहाल हो।
विदेश में भारतीय बहुत
परेशान हैं।
- सुरेशचन्द्र शुक्ल


