मंगलवार, 26 जनवरी 2010

आठवाँ प्रवासी दिवस संपन्न

आठवाँ प्रवासी दिवस संपन्न ( ७ से ९ जनवरी २०१०)


वालायर रवि संबोधित करते हुए

राष्ट्रपति महामहिम प्रतिभा पाटिल जी पुरस्कृत प्रवासी भारतीयों के साथ


दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जी प्रवासी भारतीयों के साथ


संपादक परनीत कौर (केन्द्रीय राज्य मंत्री) को पत्रिका भेंट करते हुए
-प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को भारतीय चुनाव में वोट देने का अधिकार देने की बात कही।
-राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारतीयों को पुरस्कृत किया।
-केन्द्रीय मंत्रियों ने और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रवासी भारतीयों से सार्थक बातचीत की।
-प्रवासी कार्यमंत्री वालायर रवि ने बहुत अच्छा सहयोग दिया और भारतीय-नार्वेजीय सूचना और सांस्कृतिक फोरम के अध्यक्ष सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने नार्वे में रहने वाले प्रवासी भारतीयों को दोहरी नागरिकता के लिए निवेदन किया और वालायर रवि ने इस पर कार्यवाही करने काआश्वाशन दिया।
-निवेश को लेकर विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्री आशावान और सहयोग का वायदा।
-मध्य प्रदेश के मुक्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में प्रवासी सेल बनाने की घोषणा करते हुए प्रवासी भारतीयों को निवेश और समाजसेवी कार्य करने के लिए सहयोग का आश्वाशन दिया।

सुशीला वर्मा बाएं से प्रथम ने अपनी जायजाद के गैरकानूनी कब्जे की बात उठाई

वालायर रवि को पत्रिका भेंट करते स्पाइल के संपादक

बाएं से खड़े श्री रावत, वाशिंटन यू एस ए के PIO-TV की हेमा वीरानी स्पाइल संपादक का साक्षात्कार लेते हुए

सोमवार, 11 जनवरी 2010

शरद आलोक भोपाल के प्रवासी सम्मेलन में

मध्य प्रदेश में प्रवासी भारतीय सम्मलेन ११ और १२ जनवरी को सफलता से संपन्न -शरद आलोक भोपाल में
नार्वे के प्रवासी साहित्यकार सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' दिल्ली में प्रवासी फिल्म महोत्सव और प्रवासी भारतीय दिवस में भाग लेने के बाद भोपाल में मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित प्रवासी सम्मलेन(1२ जनवरी ) में भाग लेने ११ जनवरी को भोपाल पहुँच गए। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पाटिल जी ने एन आर आई सेल बनाने और प्रवासी भारतीयों को समाजसेवा और निवेश में प्रदेश की उन्नति के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा की प्रवासी पहले भारतीय हैं चाहे वह किसी प्रदेश के हों उनका मध्य प्रदेश में स्वागत है। सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने कहा कि वह मध्य प्रदेश में गरीबों के लिए शिक्षा के लिए एक इलेक्ट्रानिक मल्टी मीडिया स्कूल खोलना चाहते हैं और महिला सशक्तिकरण के लिए रोजगार परक कार्य करना चाहते हैं। पर यह सहयोग के बिना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वह प्रोजेक्ट आने पर सहयोग करेंगे।
चित्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रवासी भारतीयों के साथ

बुधवार, 6 जनवरी 2010

पहला प्रवासी फिल्म समारोह संपन्न.

नई दिल्ली में पहला प्रवासी फिल्म समारोह (२ जनवरी से ६ जनवरी) धूमधाम से संपन्न

नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में २ जनवरी को प्रारंभ हुआ पहला प्रवासी फिल्म समारोह ६ जनवरी को संपन्न हो गया । इस समारोह में अनेक देशों से आये प्रवासी फिल्मकारों के अतिरिक्त भारत के फ़िल्मी दुनिया के लोगों की उपस्थिति भी आकर्षण का केंद्र थी। इस फिल्म समारोह को पद्मेश गुप्त द्वारा सम्पादित मासिक पत्रिका प्रवासी टुडे, अनिल शर्मा और मारीशस की सरकार का भी सहयोग महत्वपूर्ण था जिसके मिनिस्टर राजदूत आदि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। भारत सरकार की राज्य मंत्री श्रीमती , उतरांचल के मुख्यमंत्री, के अलावा जिन फ़िल्मी हस्तियों ने इसमें चार चाँद लगाये उसमें मीरा नायर, मनोज बाजपेई, सतीश कौशिक, शर्मीला टैगोर और बहुत से लोग थे।

मारीशस के डिप्टी स्पीकर ने फिल्म फेस्टिवल को उत्कृष्ट बताया। नार्वे से आये सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने कहा की यह फिल्म फेस्टिवल प्रवासियों की फिल्म प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा। यू के से आये पुरस्कृत डॉ निखिल कौशिक ने इसे आवश्यक फिल्म फेस्टिवल बताया।

हिंदी के अनेक लेखक और संपादक इसमें मौजूद थे। व्यंग यात्रा के संपादक और व्यंगकार प्रेम जन्मेजय, गगनांचल के संपादक अजय कुमार गुप्ता आदि ने भी फिल्म समारोह की सराहना की।

शरद आलोक का लखनऊ विश्वविद्द्यालय में सम्मान

सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' का सम्मान लखनऊ विश्वविद्द्यालय में
लखनऊ विश्व विद्यालय मेंi ३१ दिसंबर को स्पाइल के संपादक शरद आलोक को शाल, पदक और पुष्पों से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह और कवि सम्मलेन की प्रो अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो प्रेमशंकर की और सञ्चालन किया डॉ कृष्णा श्रीवास्तव ने। संयोजक प्रो योगेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ रामाश्रय सविता ने और प्रो काली चरण स्नेही ने शरद आलोक की साहित्यिक सेवाओं की चर्चा की और अपने नार्वे के संस्मरण सुनाये। परशुराम पल जी ने हिंदी सेवा की सराहना की और समापन पर धन्यवाद ज्ञापन दिया।

स्पाइल-दर्पण पत्रिका ने गुड़िया का घर के रंगकर्मियों को सम्मानित किया

गुड़िया का घर के कलाकार सम्मानित



स्पाइल-दर्पण पत्रिका ने लखनऊ भारत में विश्व प्रसिद्ध नार्वेजीय नाटककार हेनरिक इबसेन की सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' द्वारा हिंदी में अनुदित नाटक 'गुड़िया का घर' के रंगकर्मियों को लखनऊ के उमानाथ राय बल़ी हाल में एक समारोह में संपादक द्वारा सम्मानपत्र, पदक और पुष्पों द्वारा सम्मानित किया गया।
सम्मानित रंगकर्मियों में मुख्य थे: निदेशक आनन्द शर्मा, सूर्या रंगमंडल की रमा जायसवाल, जमील खान, प्रिया मिश्रा, नदीम खान, योगेन्द्र विक्रम सिंह, रत्ना अग्रवाल, साधना वर्मा आदि थे।
लखनऊ विश्विद्द्यालय के प्रो योगेन्द्र प्रताप सिंह, कृष्ण जी श्रीवास्तव सहित अनेक लोगों ने अपने विचार अनुवाद और नाटक की प्रस्तुति पर व्यक्त किये।
बहुत संख्या में पत्रकार मौजूद थे।

शनिवार, 2 जनवरी 2010

नव वर्ष पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं -शरद आलोक

नव वर्ष पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं

आप सभी अपने लक्ष्यों की प्राप्ति करें।

विश्व प्रदूषण मुक्त हो ।

सप्रेम

सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक'

गुरुवार, 10 दिसंबर 2009

बाराक ओबामा नार्वे में नोबेल पीस इंस्टी ट्यूट पहुंचे- शरद आलोक

बाराक ओबामा नार्वे में नोबेल इंस्टीट्यूट पहुंचे- सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक'
नोबेल इंस्टी ट्यूट की पुस्तिका पर लिखते हुए

राजमहल में राज-परिवार के साथ ओबामा और मिशेल

बाराक हुसैन ओबामा ओस्लो एयरपोर्ट पर आज 10 दिसंबर को 8 बजकर 45 मिनट पर पहुंचे। ८ बजे तक गीली बरफ गिरती रही। पर ओबामा के पहुँचने तक बरफ का गिरना बंद हो चुका था। मौसम में धुंधलका छाया हुआ है।

एयरपोर्ट पर पहुंचकर ओबामा और मिशेल ओबामा नोबेल समिति की सदस्य काछी कुल्मान फीवे, विदेशमंत्री युहान स्तोरे और ओस्लो में अमेरिका की राजदूत व्हाईट से मिले और एक कार में बैठकर एक किलोमीटर कर के काफिले के साथ नोबेल पीस इंस्टीट्यूट पहुंचे और वहां की गेस्ट और नोबेल पुस्तक पर ओबामा और मिशेल ने अपने विचार लिखे जहाँ नोबेल समिति के सदस्यों और निदेशक गैर लुन्स्ताद उपस्थित थे।


नोबेल पीस इंस्टी ट्यूट के ५० मीटर की दूरी पर ग्रीन पीस समिति के कुछ सदस्य अपना प्रदर्शन कर रहे थे तथा कुछ दूर खड़े रेड बारना, बच्चों की एक संस्था जो नोबेल पुरस्कार विजेता के लिए एक बच्चों की तरफ़ से स्वागत करती है और उनसे वार्तालाप करती है। इस बार समयाभाव होने के कारण रेड बारना के ये बच्चे ओबामा से नहीं मिल सकेंगे।
ओबामा नार्वे में लोकप्रिय हैं
५० ००० ओबामा को नोबेल पुरस्कार प्राप्त करते सामने से देखना चाहते हैं, यह सूचना दी ओस्लो के मेयर फाबियान सतांग ने। सभी नार्वे के बड़े समाचार पत्र ओबामा और नोबेल शान्ति पुरस्कार से भरे पड़े हैं।

ओबामा नोबेल पीस इंस्टीट्यूट से प्रधानमंत्री कार्यालय में १७ वीन मंजिल पर गए जहाँ १० बजकर ३० मिनट पर प्रेस कांफ्रेस में भाग लेंगे। प्रेस कांफ्रेंस में केवल दो प्रश्न पूछे जायेंगे। एक नार्वेजीय प्रेस की तरफ़ से और एक प्रश्न अमेरिकी प्रेस की तरफ़ सेपूछा जाएगा। प्रधानमन्त्री कार्यालय में अमेरिका के ९ और नार्वे के ९ प्रतिनिधि मिलेंगे। यहाँ वह ३५ मिनट रहेंगे।
प्रधानमन्त्री कार्यालय में ओबामा, प्रधानमंत्री जेन्स स्तूल्तेंबेर्ग
प्रेस कांफ्रेंस एक डिलेमा
पहले प्रेस कांफ्रेस को बिल्कुल ही कार्यक्रम से हटा दिया गया था। बहुत से समाचार पत्रों ने आश्चर्य व्यक्त किया था। प्रेस कांफ्रेंस न करने का कारण यह बताया गया की राष्ट्रपति बाराक ओबामा इस पुरस्कार का अमेरिका में मीडिया और लोगों का विरोध कम करने के लिए इसे हाई फाई तरीके से न मनाना बताया और इसे उसका एक हिस्सा मीडिया में बताया गया ।
आम तौर पर नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता पुरस्कार प्राप्त करने के लिए तीन दिन के लिए आते हैं जबकि ओबामा एक दिन के लिए आए हैं। इस सम्बन्ध में आज नार्विजन नोबेल शान्ति समिति के निदेशक गैर लुन्द्स्ताद ने टी वी को आज नौ बजे बताया, की पहले से ही ओबामा की नार्वे यात्रा एक दिन ही तय हुई थी।
प्रेस कांफ्रेंस में ओबामा
प्रेस कांफ्रेंस में ओबामा ने बताया: जब मुझे यह सूचना मिली थी की मुझे नोबेल पुरस्कार दिया जा रहा है तो मुझे बहुत आश्चर्य हुआ था। मुझसे ज्यादा अन्य लोग उपयुक्त थे नोबेल पुरस्कार के लिए। प्रधानमंत्री येन्स स्तूलतेन बर्ग ने ओबामा को पुरस्कार दिया जाना उचित, बहुत आवश्यक और विश्व की समस्याओं को मिलकर दूर करने की दिशा में उपयोगी बताया।
अत्याधिक दायें बाजू की पार्टी की नेता सिव येनसेन ने कहा की ओबामा को बहुत जल्दी पुरस्कार मिल गया।
पूर्व प्रधानमंत्री और दायें बाजू की पार्टी के पूर्व नेता कोरे विलोक ने ओबामा को यू एस ऐ का सबसे अच्छा राष्ट्रपति बताया। विदेश विकास मंत्री और पर्यावरण मंत्री एरिक सूलहाइम ने ओबामा की बहुत तारीफ की।
राजा से मुलाकात
बाराक ओबामा और मिशेल ओबामा राजा हराल्ड पंचम के महल में मिलने गए और १५ मिनट राजा से बातचीत की जहाँ उन्हें जल-शरबत आदि परोसा गया। आगामी समाचार शीघ्र ही प्रकाशित किया जाएगा।
विरोध में प्रदर्शन
पार्लियामेंट के बाद ओबामा द्वारा अफगानिस्तान में सैनिकों को भेजने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। एक बड़ा विरोध प्रदर्शन १८:०० बजे आयोजित किया गया है।
स्वागत में मशाल जुलुस
शाम को १८: ०० बजे एक मशाल जुलूस ग्रांड होटल के सामने से गुजरेगा। जिसमें हजारों लोग भाग लेंगे। पुरस्कार विजेता हाथ हिलाकर अभ्वादन करते हैं।