शुक्रवार, 26 मई 2017

"इन्दिरा गाँधी वर्सेज नरेंद्र मोदी" 16.12.2016 को नवभारत टाइम्स नेट पर छपी थी मेरी यह टिप्पणी. -Suresh Chandra Shukla

इन्दिरा गाँधी वर्सेज नरेंद्र मोदी
 16.12.2016 को नवभारत टाइम्स नेट पर छपी थी मेरी यह टिप्पणी
 जिस महान नेता इंदिरा गाँधी जी को अटल जी ने देवी और रणचण्डी कहकर सम्मानित किया उन्हें प्रधानमंत्री मोदी जी पार्टी बैठक में भ्रमात्मक बयां दे रहे हैं. एक प्रधानमंत्री को दूसरे प्रधानमंत्री की इज्जत करनी चाहिये। इंदिरा जी विदेशों में प्रेस कांफ्रेंस में नहीं बोलती थीं और मोदी जी ज्यादातर बोलते हैं. इंदिरा जी के समय 1983 में सरकार ने निशुल्क कंप्यूटर प्रोग्राम उपलब्ध न कराये होते तो पे टी एम, ए टी एम हमारे आप तक आज नहीं पहुँच पाते। उनकी मृत्यु के समय से पहले ही उसका उत्पादन शुरू हुआ था और निशुल्क प्रचार बढ़ा था. मोदी जी विवादित लेखक किसिंगर को भी पढ़ें। इंदिरा जी के समय में देश के अंदर राष्ट्रीय कोष में सबसे अधिक सोना, सरकारी कर्मचारियों के बचत खाते में धन जमा कराया गया था तब नार्वेजीय 0,75 क्रोन में एक रुपया मिलता था अब इसमें दस गुना मिलता है. रेल के सभी कारखाने अच्छा उत्पादन करते थे. रेल समय पर आती थी. मैं रेल में काम करता था आजकल यूरोप संपादक हूँ.- सुरेश चन्द्र शुक्ला, ओसलो

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